प्रख्यात कथाकार दूधनाथ सिंह से रणविजय सिंह सत्यकेतु की बातचीत
दूध नाथ सिंह का नाम हिन्दी कहानी में अग्रगण्य है । कहानी के साथ-साथ दूधनाथ जी ने आलोचना और कविता के क्षेत्र में भी अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य किये हैं । इस बात से सभी परिचित हैं कि दूध नाथ जी लेखन के क्षेत्र में आज भी प्रतिबद्धता के साथ सक्रिय हैं । दूध नाथ जी से अभी पिछले दिनों एक महत्वपूर्ण बातचीत किया युवा कथाकार रणविजय सिंह सत्यकेतु ने । आज 17 अक्टूबर दूध नाथ जी का जन्मदिन भी है । इस अवसर पर उनके दीर्घायु होने की कामना करते हुए हम प्रस्तुत कर रहे हैं यह बातचीत । आइए पढ़ते हैं यह बातचीत । अगर लिखना खत्म हो जाए तो मेरा जीवन निरर्थक हो जाएगा : दूधनाथ सिंह प्रश्न : आप अपनी पीढ़ी के कथाकारों के बारे में क्या कहना चाहेंगे। खासकर अपने दौर की रचनाशीलता को किस रूप में देखते हैं ? उत्तर : अपनी पीढ़ी के कथाकारों के बारे में मैं कई बार कह चुका हूं। मैं ही हूं जो इसके बारे में अक्सर बोलता रहता हूं। हम सबने यानी ज्ञानरंजन , रवीन्द्र कालिया , काशीनाथ सिंह , विजय मोहन सिंह , गंगा प्रसाद विमल सब ने , जो कि हमारी रियल पीढ़ी है ,...