महात्मा गाँधी के नाम ख्वाजा अहमद अब्बास का पत्र
कुछ समय पहले तक परंपरावादी भारतीय समाज फिल्म और फिल्मी दुनिया को अच्छी नजर से नहीं देखता था। फिल्म देखना भी एक बुरा काम समझा जाता था। महात्मा गांधी का भारतीय समाज पर निःसंदेह गहरा असर था। उनके विचार राष्ट्र की जनता के लिए पाथेय थे। फिल्मों के सन्दर्भ में गांधी जी के विचार किसी परंपरागत भारतीय जैसे ही थे। गांधी जी ने सिनेमा को जुआ, सट्टा, घुड़-दौड़ आदि जैसी बुराईयों के साथ रखा। गांधी जी के इस विचार से आहत हो कर फ़िल्म पत्रकार, फ़िल्मकार और लेखक ख्वाजा अहमद अब्बास ने महात्मा गाँधी के नाम एक पत्र लिखा था, जो 'फिल्म इण्डिया' पत्रिका के अक्टूबर 1939 अंक में प्रकाशित हुआ था। यह पत्र कला व समाज, नैतिकता-अनैतिकता तथा तकनीकी के इस्तेमाल पर एक सुचिंतित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं महात्मा गाँधी के नाम ख्वाजा अहमद अब्बास का पत्र। मेरे प्रिय बापू, आपके 71वें जन्मदिवस के खुशनुमा अवसर पर सादर शुभकामनाएं। ऐसे समय में जब आपका पूरा ध्यान युद्ध और शांति के मसाले पर केन्द्रित है, मैं इसमें खलल डालने के लिए माफी चाहता हूँ। लेकिन, युद्ध...