आज़म रहनवर्द ज़रयाब की अफगान कहानी पतंगबाज़, हिंदी अनुवाद : श्रीविलास सिंह
श्रीविलास सिंह कहानी किसी भी विषय पर हो सकती है। लेकिन महत्त्व इस बात का होता है कि उसका जिन्दगी से जुड़ाव किस तरह का है। पतंगबाजी सामान्य तौर पर एक ऐसा हुनर है जिसे हम अपने यहाँ के आसमानों में आमतौर पर देख सकते हैं। लेकिन इस हुनर में कथा का महीन तत्त्व तलाशने का हुनर जमीन से जुड़ा रचनाकार ही कर सकता है। विश्व के कुछ ऐसे महत्त्वपूर्ण रचनाकारों की रचना को सामने लाने का उम्दा काम किया है, जो हिन्दी में अनुवादित नहीं हैं। आज पहली बार पर प्रस्तुत है आज़म रहनवर्द ज़रयाब की कहानी पतंगबाज़। ज़रयाब की कहानी का अंग्रेजी अनुवाद ख़लील ए. अरब ने किया है। इसका हिन्दी अनुवाद किया है श्रीविलास सिंह ने। पतंगबाज़ आज़म रहनवर्द ज़रयाब ( अफगान कहानी ) अंग्रेजी अनुवाद : ख़लील ए . अरब हिंदी अनुवाद : श्रीविलास सिंह मैं एक पतंगबाज़ हूँ। जहाँ तक मैं स्मरण कर सकता हूँ , मैंने पतगों और मांझे ( तार ) का काम किया है। मैं बसंत और गर्मियों भर पतझड़ के आगमन की उत्कंठा से प्रतीक्षा करता हूँ। मैं ...