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उदय प्रकाश का आलेख 'फेदेरिको गार्सिया लोर्का की रक्त गाथा'

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फेदेरिको गार्सिया लोर्का रचनाधर्मिता ऐसा कर्म है जो आसान दिखते हुए भी वस्तुतः अत्यंत कठिन कर्म होता है। वैसे भी सच से साक्षात्कार इतना आसान कहाँ होता है। कई बार ऐसा हुआ है कि रचनाकार को लिखने की कीमत अपनी जान दे कर चुकानी पड़ी है। फेदेरिको गार्सिया लोर्का ऐसे ही विश्व कवि थे जिन्हें लिखने की कीमत जान दे कर चुकानी पड़ी। रचना और कर्म के बीच सामंजस्यता के पक्षधर लोर्का आजीवन संघर्ष करते रहे लेकिन फासिस्ट स्पेनी सरकार के सामने झुके नहीं। वे एक उम्दा नाटककार भी थे। लोर्का की रचनाधर्मिता और संघर्षपूर्ण जीवन पर एक महत्वपूर्ण आलेख लिखा है हमारे समय के प्रख्यात कवि और कहानीकार उदय प्रकाश ने। यह आलेख हमें अनिल जनविजय के माध्यम से प्राप्त हुआ है। आज पहली बार पर प्रस्तुत है उदय प्रकाश का आलेख ' फेदेरिको गार्सिया लोर्का की रक्त गाथा ' । फेदेरिको गार्सिया लोर्का की रक्तगाथा उदय प्रकाश जब भी रचना और कर्म के बीच की खाई को पाटने का सवाल उठाया जाएगा , फेदेरिको गार्सिया लोर्का का नाम ख़ुद-ब-ख़ुद सामने आएगा। बतलाना नहीं होगा कि रचना और कर्म की खाई को नष्ट करते हुए...