संदेश

फोटो फीचर लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अनिल जनविजय द्वारा प्रस्तुत कुछ दुर्लभ फोटोग्राफ्स

चित्र
फोटो फीचर  अनिल जनविजय अनिल जनविजय ने अपनी फेसबुक वाल पर दुर्लभ फोटोग्राफ्स देने की परम्परा 'बूझो तो जाने' की शक्ल में शुरू की थी. अब तो यह काफी लिकप्रिय हो चुकी है. उसी श्रृंखला के कुछ चित्र यहाँ पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं.   मख़दूम मोहिउद्दीन अमरकान्त आग्नेय जी उदय प्रकाश और विजय दान देथा गुलाम अली और जगजीत सिंह हास परिहास के दो पल हरिवंश राय बच्चन , तेजी बच्चन , अमिताभ बच्चन , जया बच्चन और अजिताभ बच्चन । महाश्वेता देवी और हबीब तनवीर जीवन सिंह ज्ञान चतुर्वेदी इप्टा के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र रघुवंशी और ए के हंगल चन्द्रकान्त देवताले जी और ओम भारती ज्ञान रंजन नरेश सक्सेना लीलाधर जगूड़ी विमल मित्र विजय बहादुर सिंह और रमेश चन्द्र शाह विश्वनाथ त्रिपाठी शिवानी शेर जंग गर्ग विद्या निवास मिश्र विष्णु चन्द्र शर्मा

फोटो फीचर : अनिल जनविजय

चित्र
फोटो फीचर अनिल जनविजय अनिल जनविजय ने अपनी फेसबुक वाल पर इधर रोजाना पहेली के तरीके से कुछ चित्र लगा कर नाम पूछते हैं. इस महत्वपूर्ण सिलसिले में से कुछ चित्र पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत है. इस बार फोटो फीचर में कुछ चित्र अन्य मित्रों की फेसबुक वाल से भी साभार लिए गए हैं जिनका जिक्र चित्र के साथ है. यहाँ पर प्रस्तुत कुछ चित्र कैप्शन रहित हैं क्या आप इनमें कैप्शन भर सकते हैं? तो देर किस बात की कमेन्ट के खाने में बताइए ए हैं कौन?   (चित्र- 1 : महादेवी और सुमित्रानंदन पन्त; चित्र सौजन्य अरिंदम घोष)  (चित्र- 2 ; वंदना राग, ममता कालिया, चित्रा मुद्गल और उर्मिला शिरीष) (चित्र- 3; चित्रा मुद्गल और ममता कालिया) (चित्र- 4; प्रज्ञा रावत, रेखा कश्त्वार, डॉ आरती, सविता भार्गव) (चित्र- 5; देवीलाल पाटीदार, विनोद कुमार शुक्ल, मंज़ूर एहतेशाम, रेखा कस्तवार) (चित्र- 6; साधना अग्रवाल, भारत भारद्वाज, महेश कटारे, ध्रुव शुक्ल) (चित्र-7) (चित्र- 8; पीछे की पंक्ति में कुंवर रवीन्द्र, केशव तिवारी, बिमलेश त्रिपाठी; आगे की पंक्ति में दूसरे से कमलजीत चौ...

मार्कण्डेय जी के कुछ दुर्लभ फोटोग्राफ्स

चित्र
आज मार्कण्डेय जी की पांचवीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर प्रस्तुत है एक फोटो फीचर. मार्कण्डेय जी के जीवन के विभिन्न पलों को इन फोटोग्राफ्स में समेटने का यत्न किया गया है. इन बहुमूल्य और दुर्लभ चित्रों को हमें उपलब्ध कराया डॉ. स्वस्ति ठाकुर ने, जो मार्कण्डेय जी की बड़ी पुत्री हैं.