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शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी का आलेख 'इलाहाबाद में उर्दू-फ़ारसी अदब'

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  शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी इलाहाबाद संगम के लिए दुनिया भर में मशहूर है। गंगा और यमुना जैसी उत्तर भारत की दो बड़ी नदियां यहीं पर एकमेक होती हैं। इस त्रिवेणी की तीसरी धारा उस अदृश्य सरस्वती की है जो ज्ञान से जुड़ी हुई है। इसी से भारतीय परिप्रेक्ष्य में गंगा जमुनी तहजीब की अवधारणा भी अस्तित्व में आई जो हिन्दुओं और मुसलमानों के मेल जोल के लिए आज भी इस्तेमाल की जाती है। एक लम्बे समय तक यह इलाहाबाद उर्दू-फ़ारसी अदब का केन्द्र स्थल बना रहा। मुगलिया जमाने के पतनशील दौर में यही वह भाषा थी जो सत्ता से जुड़ी हुई थी और लेखन के केन्द्र में भी थी। प्रख्यात आलोचक मरहूम शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी ने इस इलाहाबादी उर्दू-फ़ारसी अदब को केन्द्र में रख कर एक महत्त्वपूर्ण आलेख लिखा था। इस आलेख में उन्होंने इलाहाबाद के उर्दू फारसी अदब से जुड़े उन तमाम रचनाकारों का जिक्र किया जो अपनी लेखनी की वजह से एक समय चर्चा के केन्द्र में रहा करते थे। हालांकि आज हम इनमें से कुछेक के बारे में ही जानते हैं। इस आलेख का उम्दा हिन्दी अनुवाद किया है इतिहास के युवा अध्येता शुभानीत कौशिक ने। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ...

शुभनीत कौशिक का आलेख : 'कला को समर्पित एक जीवन : कपिला वात्स्यायन' (1928-2020)

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कपिला वात्स्यायन बहुमुखी प्रतिभा की धनी कपिला वात्स्यायन को साहित्य एवम संस्कृति की परंपरा विरासत में मिली थी। उनका मूल्यांकन सटीक एवम प्रमाणिक तथ्यों पर आधारित होता था।  आम भारतीय के चरित्र का मूल्यांकन करते हुए कपिला जी ने लिखा है -  'वह ‘पाखंडी और विखंडित, दोनों, और जीवन व्यवहार में न केवल दोहरे बल्कि अनेक मानदंडों से चलने वाला होता है। वल्गैरिटी और भद्दापन जिस का स्वभाविक परिणाम होना ही है। अनुभूति और बौद्धिक निष्ठा के बीच एक तीखा अंतर्विरोध उभरता है और अपने हर अर्थ में सुरुचि का अभाव ही वह अंतिम स्वाद है, जो बचा रह जाता है।' कपिला जी का व्यक्तित्व कुछ ऐसा जादुई था कि उनको देखते ही मन में श्रद्धा और आदर की भावना उपजती थी। विशुद्ध भारतीय हिंदू परिवेश की दिखने वाली कपिला जी की सोच और दृष्टि अत्यन्त विशद थी। उनके व्यक्तित्व का निर्माण  साहित्य, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्त्व, रंगमंच के बहुमुखी संगम से हुआ था। वे सचमुच में एक स्कॉलर थीं। विगत 16 सितम्बर 2020 को कपिला जी के निधन से जो खालीपन आया है उसकी भरपाई हो पाना सम्भव नहीं दिखता। उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए आ...