सौरभ राय
सौरभ राय का जन्म झारखंड राज्य के बोकारो जिले 10 सितम्बर 1989 को हुआ. बंगलौर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद सौरभ आजकल आजीविका के लिए 'ब्रोकेड' नामक कंपनी में कार्यरत हैं. अब तक इनके तीन कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं- 'अनभ्र रात्रि की अनुपमा', 'उतिष्ठ भारत' और 'यायावर ' । सौरभ की कवितायेँ हिंदी की कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं - जिनमें हंस, सृजन गाथा, इत्यादि प्रमुख हैं। इसके अलावा हिन्दू, डीएनए सहित कई अंग्रेजी के पत्र पत्रिकाओं में इन के लेखन के बारे में छप चुका है । वेबसाइट- http://souravroy.com सौरभ राय बिलकुल युवा कवि हैं और इनके पास कई ऐसे टटके बिम्ब हैं जो अनायास ही हमें अपनी और आकर्षित करते हैं. आज जब हमारी वरिष्ठ पीढी यह चिंता जताते थकी जा रही है कि हमारी युवा पीढी बाजार की तरफदारी कर रही है और बर्गर पिज्जा वाली पीढी है, ऐसे में हमारा यह युवा कवि जीवन की सौरभ हकीकत से न केवल वाकिफ है बल्कि उसे अपनी कविता में व्यक्त करने से भी नहीं हिचकता. यह युवा कवि बड़ी सीधी सरल भाषा में यह कहता है - '...