अंजू केशव की गजलें
अंजू केशव नाम - अंजू केशव निवास - जमशेदपुर, झारखंड जन्मतिथि - 24 अप्रैल शिक्षा - स्नातकोत्तर, जेट उत्तीर्ण पुस्तक - सन्नाटे में शोर बहुत है (ग़ज़ल-संग्रह) गीत, ग़ज़ल, कहानी, लघुकथा आदि साहित्य की विविध विधाओं में लेखन, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और साझा संग्रहों में प्रकाशित अंजू केशव की गजलें 1 जीने की तमन्ना हो या मरने का इरादा लो छोड़ दिया ख़ुद से भी डरने का इरादा इतरा के कहा ख़्वाब नें है पास मेरे ग्लू है अब नहीं मेरा भी बिखरने का इरादा बहती हुए पानी की ये किलकारियाँ तो सुन फिर पूछ भी लेना कभी झरने का इरादा है याद वचन कोई भी क्या सप्तपदी के या है तेरा उससे भी मुकरने का इरादा आईने को भी साफ किया धूल हटाई मेरा भी है अब ख़ूब सँवरने का इरादा सीखा तो नहीं तैरना पर सीख ही लेंगे जब कर लिया पानी में उतरने का इरादा दिखने लगे हैं चारों तरफ उसको तो मरहम लगता है कि ज़ख़्मों का है भरने का इरादा 2 आज दौलत आपके जो हाथ आई है सोचिए कि इसमें कितनों की कमाई है एक दिन फिर आज गुजरा हँस के जब मेरा ज़िंदगी से ये कहा तुझक...