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रवि नन्दन सिंह का आलेख 'हमेशा वर्तमान में जीने वाला आदमी: कमलेश्वर'

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  कमलेश्वर लेखकों के अपने जीवन संघर्ष बिल्कुल अन्य लोगों जैसे ही होते हैं। प्रायः सामान्य घरों से आने वाले इन रचनाकारों का जीवन भी आम लोगों जैसा ही होता है। यह अलग बात है कि रचनात्मक प्रवृत्ति के लोग अपने जीवनानुभवों को शब्दबद्ध कर किसी न किसी विधा में ढाल लेते हैं। इन जीवनानुभवों में आम आदमी खुद का जीवन और संघर्ष देखता और महसूस करता है। इस तरह व्यक्तिगत पीड़ा या संघर्ष सार्वजनीन बन जाता है। कमलेश्वर का प्रारम्भिक जीवन अभाव और संघर्षों में बीता। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी जद्दोजहद जारी रखी। आगे चल कर नई कहानी के प्रवर्तक के तौर पर मोहन राकेश और राजेन्द्र यादव के साथ इन्हें रेखांकित किया गया। हालांकि इलाहाबाद में भी इनकी एक त्रयी दुष्यन्त कुमार और मार्कण्डेय के साथ बनी। इस त्रयी के अनेक कारनामे और स्मृतियां इलाहाबादी लोगों की स्मृतियों में करीने से दर्ज हैं। ’गर्मियों के दिन’, ’राजा निरबंसिया’, ’मुर्दों की दुनिया’, ’देवा की मां’, ’कस्बे का आदमी’ ’भटके हुए लोग’, ’बेकार आदमी’ जैसे बेजोड़ कहानी संग्रह और कितने पाकिस्तान जैसा बेजोड़ उपन्यास लिख कर इन्होंने ...

कमलेश्वर की मशहूर कहानी कस्बे का आदमी'

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  इधर हमने पहली बार पर हिन्दी साहित्य की कुछ कालजयी रचनाओं को प्रस्तुत करना आरम्भ किया है। इस कड़ी में पिछले कुछ महीनों में हमने कुछ प्रस्तुतिकरण किए हैं। आज हम पहली बार पर प्रस्तुत कर रहे हैं  कमलेश्वर की मशहूर कहानी 'कस्बे का आदमी'। नई कहानी आन्दोलन के प्रमुख स्तम्भ कमलेश्वर की कहानियां पढ़ते हुए अपने आस पास का परिदृश्य दिखाई पड़ता है। यह कहानी उस मानवीय संवेदना को उभारती है जिसमें पालतू पक्षियों और जीव जंतुओं को भी परिवार का हिस्सा माना जाता था। इस कहानी में छोटे महाराज का जुड़ाव अपने तोते के साथ है। वे अपने अन्तिम समय में तोते से ईश्वर का नाम सुनना चाहते हैं। यह एक सामान्य हिन्दू विश्वास है जिसमें कोई भी हिन्दू अपने अन्तिम समय में अपने परिजनों के मार्फत यह अपेक्षा करता है। हालांकि वे तोते को अपने निकटस्थ शिवराज को सौंप चुके थे लेकिन वहां असुरक्षित जान कर रुग्ण अवस्था में भी अपने घर वापस लाते हैं। ऐसा स्नेह और ममत्व दुर्लभ है। तो आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं कमलेश्वर की चर्चित कहानी 'कस्बे का आदमी'। 'कस्बे का आदमी' कमलेश्वर सुबह पाँच बजे गाड़ी मिली। उसने एक क...