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पंकज मित्र के कहानी संग्रह ‘वाशिंदा @ तीसरी दुनिया’ पर जगन्नाथ दुबे की समीक्षा 'कस्बाई जीवन यथार्थ की कहानियां'

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पंकज मित्र  पंकज मित्र हमारे समय के चर्चित कथाकार हैं । हाल ही में इनका एक कहानी संग्रह प्रकाशित हुआ है  ‘वाशिंदा @ तीसरी दुनिया’ । इस संग्रह पर समीक्षा लिखी है युवा आलोचक जगन्नाथ दुबे ने ।  जगन्नाथ ने संग्रह की कहानियों पर तरतीबवार बात की है । यह समीक्षा 'तद्भव' के हालिया अंक में प्रकाशित हुई है । उस समीक्षा का संशोधित रूप 'पहलीबार' पर आप सब के लिए प्रस्तुत है ।          कस्बाई जीवन यथार्थ की कहानियां जगन्नाथ दुबे ‘वाशिंदा @ तीसरी दुनिया’ हिन्दी  के विशिष्ट कथाकार और गंवई कस्बाई चेतना के वाहक पंकज मित्र का चौथा कहानी संग्रह है। इससे पहले पंकज जी के तीन कहानी संग्रह 'क्विजमास्टर', 'हुडुकलुल्लू' और 'जिद्दी रेडियो' नाम से प्रकाशित हो चुके हैं। आज जबकि कहानी को लेकर तमाम तरह की बहसें हिन्दी  आलोचना में चल रही हैं। कहानी की सार्थकता उसके कहानीपन और उसके  सरोकार जैसे मूल मुद्दे पर गंभीरता से विचार न करके कहानी से सवाल किया जा रहा है कि उससे क्रांति क्यों नहीं हो रही है? कहानी जैसी शसक्त विधा जिसे नामवर जी ने...

अरुणाभ सौरभ की लम्बी कविता 'आद्य नायिका' की जगन्नाथ दुबे द्वारा की गयी समीक्षा

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अरुणाभ सौरभ लम्बी कविताएँ किसी ऐसे लम्बे विचार प्रक्रिया की परिणति होती हैं जिसे लम्बी कविताओं में ही व्यक्त किया जा सकता है। लम्बी कविताएँ साध पाना आसान नहीं होता। उसे साधने के लिए कथ्य के साथ-साथ लय, छन्द, बिम्ब के साथ-साथ शब्द योजना का ध्यान भी रखना होता है। जान-बूझ कर शब्दों को ठूस-ठूस कर भरने मात्र से लम्बी कविता नहीं बनती। लम्बी कविता में भी शब्दों की मितव्ययिता का वही मतलब है जो छोटी कविताओं में। युवा कवि अरुणाभ ने इधर ' आद्य नायिका ' शीर्षक से एक लम्बी कविता लिखी है जो चर्चा में रही है और जिसे पक्षधर ने पुस्तिका के रूप में प्रकाशित भी किया है । युवा साथी जगन्नाथ दुबे ने इस कविता की समीक्षा की है । प्रस्तुत है जगन्नाथ दुबे की समीक्षा ' विचार फिर-फिर मारा गया हत्या हुई कला की' ।          विचार फिर-फिर मारा गया हत्या हुई कला की जगन्नाथ दुबे युवा कवि अरुणाभ सौरभ की लम्बी कविता ' आद्य नायिका ' इधर बीच चर्चा में है। अपने स्वरूप में हिन्दी की यह सबसे लम्बी कविता पक्षधर पत्रिका की विशेष प्रस्तुति के रूप में प्रकाशित हुई ह...