संदेश

असंग घोष लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

असंग घोष की कविताएं

चित्र
  असंग घोष   वक्त की यह खूबी होती है कि वह हर पल परिवर्तित होता रहता है। एक पल के लिए भी वह थमता नहीं। किसी के लिए भी नहीं। यह वक्त का अपना अनुशासन है जिसका पालन वह स्वयं करता है। यह अलग बात है कि वक्त बदलने के साथ साथ दुनिया बदलती रहती है। परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लोग बदलते रहते हैं। दुर्भाग्यवश हमारे यहां एक बड़ा तबका ऐसा है जिसके पास जीवन की आधारभूत सुविधाएं नहीं हैं। वह सम्मान चाहता है लेकिन हमारी सामाजिक व्यवस्था उसे वह सम्मान भी नहीं दे पाती, जिसका वह हकदार है। लेकिन उम्मीद वह चीज है जिसका दामन नहीं छोड़ा जा सकता। असंग घोष उम्मीद के कवि हैं। आज उनका जन्मदिन है। असंग जी को जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं  देते हुए आज हम प्रस्तुत कर रहे हैं उनकी कुछ कविताएं। असंग घोष की कविताएं क्यों आते हैं सपने सपनों पर मेरा वश नहीं क्यों आते हैं ये बार-बार मैं इनसे मुक्त हो अपने पंख फैलाए स्वछन्द आकाश में परिन्दों की मानिंद उड़ना चाहता हूँ और उड़ते हुए अंततः विलीन हो जाना चाहता हूँ क्षितिज में दृष्टि से परे दिखाई देते अनंत में जहाँ धरती आकाश के मिलकर एक हो जाने का भ्रम है सपनों क...