प्रतिभा गोटीवाले की कविताएँ
प्रतिभा गोटीवाले कविता क्या है? महज शब्दों से खेल या शब्दों के जरिए अनकहे को कह देने का माध्यम । हर कवि अपने समय अपने लेखन में इस प्रश्न से अनायास ही टकराता है । और कविता के माध्यम से ही इसका जवाब खोजने या देने की कोशिश करता है । मानव मन की सहज अनुभूतियों को शब्दों में पिरोना भी आसान कहाँ? भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इसके लिए समय भी तो नहीं लोगों के पास । लेकिन कविता इसी मायने में हर विधा से अलग और अनूठी है कि आपाधापी में भी यह अपनी जगह बना लेती है । अनुभूतियों को आखिर कब तलक रोका जा सकता है । पानी से भी तेज इसका बहाव होता है । हमारी कवियित्री प्रतिभा गोटीवाले कविता लिखते लिखते हुए जैसे सहज ही शब्दों की अपार गहराईयों और संवेदनाओं की गहन परतों में उतरती चली जाती हैं । अपनी कविता 'अच्छा लगता है' में प्रतिभा लिखती हैं- 'बेबाक शब्दों में खुलना/ सहमे शब्दों में सिमटना/ अनकहे शब्दों को सुनना/ अबोले शब्दों का कहना/ बहुत अच्छा लगता है/ कभी कभी…… / यूँ ही ……/ शब्दों से खेलना ….।' तो आइए पढ़ते हैं प्रतिभा गोटीवाले की कुछ नयी कविताओं को । प्रतिभा गोटीवाले की य...