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कुमार निर्मलेन्दु की पुस्तक मगधनामा का एक अंश

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मगध का नाम लेते ही मन मस्तिष्क में प्राचीन भारत की वह छवि उभरती है जिसमें मौर्य और गुप्त वंश महान साम्राज्य के रूप में स्थापित होते हैं। मौर्य वंश के साथ भारत के महान राजवंशों की परम्परा का भी आरम्भ होता है। सोलह महाजनपदों में से एक मगध ने क्रमशः अपनी स्थिति मजबूत की और साम्राज्य के रूप में अपनी जो जगह बनायी वह क्रम शताब्दियों तक चला। मगध पर ऐतिहासिक रूप से जो भी महत्वपूर्ण किताबें अभी तक थीं वे अंग्रेजी में ही उपलब्ध हैं। इन किताबों में बिंदेश्वरी प्रसाद सिन्हा की 'डाइनेस्टिक हिस्ट्री ऑफ मगध', Johannes Bronkhorst की 'Greater Magadh : studies in the Culture of early India', LSS O'Malley की History of Magadh, KA Nilakanta sastri की  'Age of The Nandas and Mauryas' प्रमुख हैं। कुमार निर्मलेन्दु  की 'मगधनामा' हिन्दी में रोचक ढंग से लिखी गयी अपनी तरह की यह पहली मुकम्मिल किताब है। आज पहली बार पर प्रस्तुत है लोकभारती प्रकाशन इलाहाबाद से छपी इस किताब का एक अंश। कुमार निर्मलेन्दु   मगध: उत्कर्ष और जययात्रा उत्पत्ति ...