हारुकी मुराकामी की कहानी 'सल्तनत जो विफल रही'
हारुकी मुराकामी जापानी लेखक हारुकी मुराकामी अपने लेखन के बल पर दुनिया भर में ख्यात हैं। दुनिया की तमाम भाषाओं में उनकी रचनाओं के अनुवाद हुए हैं। मुराकामी की रचनाओं के पात्रों के चेहरे हमारे आसपास के लोगों से काफी मिलते जुलते से हैं। इसीलिए वे अपने लेखक जैसे लगते हैं। मुराकामी का बारीक ऑब्जरवेशन कई बार कुछ इस अंदाज में चकित करता है जैसे हम खुद उस घटना के पात्र हों। कवि श्रीविलास सिंह एक उम्दा अनुवादक हैं। उन्होंने हारुकी मुराकामी की एक कहानी का अंग्रेजी से अनुवाद किया है। आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं हारुकी मुराकामी की कहानी 'सल्तनत जो विफल रही'। सल्तनत जो विफल रही हारुकी मुराकामी (अंग्रेजी अनुवाद : जे. रुबिन) हिंदी अनुवाद : श्रीविलास सिंह विफल रही सल्तनत के ठीक पीछे एक सुन्दर छोटी नदी बहती थी। इसकी धारा स्वच्छ और प्यारी थी और उसमें ढेरों मछलियां रहती थी। उसमें पानी के नीचे घास भी उगती थी और मछलियां उसे खाया करती थीं। मछलियां, निश्चय ही इस बात की परवाह नहीं करती थीं कि सल्तनत विफल हो गयी अथवा नहीं। यह एक राजशाही थी अथवा गणराज्य इस बात का भी उन पर कोई फर्क ...