अनीश कुमार की कविताएं
अनीश कुमार कविता क्या है? क्यों है? इसे ले कर आलोचकों के ही नहीं बल्कि कवियों के मन मस्तिष्क में अक्सर सवाल उठते रहते हैं और कवि इसे अपनी कविता का विषय बना कर इस सवाल को भी कविता में अंकित करते रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि कविता उस आन्तरिक संवेदना से उपजती है जिसे व्यक्ति शिद्दत से महसूस करता है। यह मनुष्य को सही मायनों में मनुष्य बनाने की कला है। कवि अनीश कुमार अपनी एक कविता में लिखते हैं : ' हर वह चीज़/ जो हमारे अनुभवों को,/ दुखों को,/ प्रेम को,/ और प्रश्नों को/ स्पर्श करती है –/ वह कविता है।' अनीश कुमार के पास संवेदनाओं से घनीभूत अनुभूतियां हैं जिसे वे अपनी कविताओं में उम्दा तरीके से अभिव्यक्त करते हैं। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं अनीश कुमार की कविताएं। अनीश कुमार की कविताएं उलझन मैंने अपने फ़ोन की स्क्रीन पर एक प्रेम कविता टाइप की — तीन बार मिटाई, चौथी बार भेज दी किसी ऐसे को जो उसे कभी नहीं पढ़ेगा। कौन-सी उलझन थी यह? क्या शब्दों की या मेरे भीतर अर्थो की धीमी मृत्यु की? मैंने वॉट्सऐप पर अपने आख़िरी आँसू का ब्लू टिक देखा — कभी-कभी रो...