रणीराम गढ़वाली
जन्म- 6 जून सन 1957 को ग्राम मटेला पौड़ी गढ़वाल उत्तराखण्ड। सम्प्रति- दिल्ली एम. ई. एस. गैरीजन इन्जीनिया प्रोजेक्ट ईस्ट में सेवारत। प्रकाशित कृतिया- कहानी संग्रह, खण्डहर, बुरांस के फूल, देवदासी,व शिखरों के बीच, प्रकाशित। लघु कथा संग्रह आधा हिस्सा तथा एक बाल कहानी संग्रह प्रकाशित। एक उपन्यास व एक बाल कहानी संग्रह प्रकाशन पथ पर। अनुबाद- कन्नड़, तेलगू , व असमिया भाषाओं में रचनाओं का अनुबाद। सम्प्राप्ति- उत्तरांचल जनमंच पुरस्कार व साहित्यालंकार की उपाधि से सम्मानित। सम्पादन- काव्य संग्रह हस्ताक्षर का सम्पादन। कहानी की दुनिया में रणी राम गढ़वाली ने इधर अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई है। गढवाली की 'चैफला' कहानी काफी चर्चा में रही है। गढवाली की कहानियों में जीवन की विडंबनाओं का वर्णन जिस रूप में आता है वह हमें चकित नहीं करता बल्कि हम उस घटना या दृश्य के सहभागी बन जाते हैं। और यही इस कहानीकार की ताकत है जिसमें दृश्य नाटकीय न होकर जीवंत बन जाते हैं। 'चैफला' ऐसी ही एक कहानी है जिसमें महानन्द अपनी पत्नी सरूली के लिए एक साडी तक...