रघुवंश मणि का आलेख 'प्लेग के दौर का तथ्यातथ्य बयान'
रघुवंश मणि इस समय पूरी दुनिया कोविड 19 यानी कि कोरोना नामक महामारी से त्रस्त है। इस लाइलाज बीमारी से अब तक लगभग 4 लाख लोग अपनी जान गँवा बैठे हैं। अकेले अमरीका में एक लाख लोग इस बीमारी से काल कवलित हो चुके हैं। चीन के वुहान से फैला कोरोना का वायरस अब दुनिया के सारे देशों में फैल चुका है। इस कोरोना संकट ने हमारे समय के विश्व और समाज को बदल कर रख दिया है। ऐसा नहीं कि दुनिया पहली बार ऐसी किसी संक्रामक बीमारी का सामना कर रही है। इतिहास में पहले भी महामारियों के कई ऐसे दौर आए हैं। इन बीमारियों में प्लेग ने हमारी दुनिया को बहुत दुष्प्रभावित किया। एक समय यह प्लेग भी लाइलाज था। इस प्लेग को ले कर कई साहित्यिक कृतियाँ रची गयीं जिनमें डेनियल डिफो और अल्बेयर कामू की कृतियाँ काफी महत्वपूर्ण हैं। डेनियल डिफो के ऐतिहासिक उपन्यास "ए जर्नल ऑफ़ द प्लेग इयर" पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कवि आलोचक रघुवंश मणि ने। आज पहली बार पर प्रस्तुत है रघुवंश मणि का आलेख ' प्लेग के दौर का तथ्यातथ्य बयान ' । प्लेग के दौर का तथ्यातथ्य बयान रघुवंश मणि ...