संदेश

सईद अय्यूब लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सईद अय्यूब की कहानी 'मौलाना मुफ्ती'

चित्र
सईद अय्यूब मनुष्य के विकास क्रम में जब भी धर्म अस्तित्व में आया होगा तो उसकी परिकल्पना में एक बेहतर समाज का निर्माण ही रहा होगा ।   लेकिन समय बीतने के साथ हुआ ठीक इसका उल्टा ।   धर्म अपने ही पंथ के पुरोहितों और कट्टरपंथियों के हाथों का महज औजार बन कर रह गया ।   आज भी कई बार ऐसा होता है कि धार्मिक परम्पराएँ हमें ऐसी दिक्कतों में डाल देती हैं जिससे न केवल परिवार या समाज बिखर जाता है बल्कि जीवन भी समाप्त हो जाता है जबकि मनुष्य के जीवन से बढ़ कर कुछ भी नहीं है ।   किसी भी देश काल का साहित्य अपने समय की उन विसंगतियों को उजागर करने का काम करता है जो मानव विरोधी हैं ।   युवा कहानीकार सईद अय्यूब ने अपनी कहानी ‘ मौलाना मुफ्ती ’ के माध्यम से इस विसंगति को उगाजर करने का प्रयास किया है ।   तो आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं सईद अय्यूब की कहानी ‘ मौलाना मुफ्ती ’ ।       मौलाना मुफ़्ती                                               ...