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जीवन सिंह का आलेख 'श्रम और सौंदर्य की समकालीन रचना'

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  डी एम मिश्र  गजल का विषय आमतौर पर प्रेम (आध्यात्मिक और रोमांटिक दोनों) होता है।   यह प्रेम आध्यात्मिक या रोमांटिक कोई भी हो सकता है। हिन्दी ग़ज़ल शुरुआत बीसवीं सदी में निराला से होती है। हिन्दी इलाके के ज़मीनी जन-सरोकार पहली बार उनकी ग़ज़लों में आते हैं। इसके बाद की हिन्दी गजलें उस राह पर चल पड़ीं जो जन पक्षधरता की राह कही जा सकती है। दुष्यन्त कुमार और अदम गोंडवी ने इस धारा को परवान चढ़ाया। डी एम मिश्र उसी धारा के गजलकार हैं जिन्होंने अपनी गजलों के माध्यम से अपने सरोकारों को सपष्ट किया है। आज डी एम मिश्र का जन्मदिन है। पहली बार की तरफ से उन्हें जन्मदिन की बधाई एवम शुभकामनाएं।  डी एम मिश्र के गजलों की आलोचना करते हुए जीवन सिंह लिखते हैं -  "डी एम मिश्र न कबीर हैं, न ग़ालिब हैं, न मीर और न ही मोमिन हैं। वे कुछ हैं तो सिर्फ डी एम मिश्र हैं। और यही एक शायर या कवि को होना भी चाहिए। जिस कवि के यहाँ उसकी अपनी कवि-व्यक्तित्व-समृद्धि  नहीं है, वह दूसरों के पीछे चलने वाले एक अनुगामी से अधिक नहीं होता। कविता की विविधमयी रचनात्मकता ही उसे निजता प्रदान करती है। यह अल...

जीवन सिंह का आलेख 'कवितामय व्यक्तित्व विजेन्द्र'

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    कविता कवि के अंतस से निकलती है लेकिन उसका वितान कुछ इस तरह का होता है कि तमाम लोग अपना जीवन , अपने जीवन की पीड़ा , प्रकृति और उसकी खूबसूरती उनमें देखते महसूसते हैं। विजेन्द्र जी ऐसे ही कवि थे , जो देखन को लेखन से जोड़ते थे। उनके लिए संगीत हो या चित्र , गद्य हो या जीवन , सब काव्यात्मक हुआ करता था। प्रखर चिंतक , आलोचक और चित्रकार विजेंद्र की मार्क्सवादी सौंदर्यशास्त्र पर गहरी पकड़ रही। बदायूं के मूल निवासी विजेंद्र ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद लंबे अरसे तक राजस्थान के कॉलेजों में अध्ययन किया। फिर गुरुग्राम में रहने लगे। उनके नियमित डायरी लेखन में समकालीन समाज और संस्कृति पर गहरी टिप्पणियां हैं , जो बाद में उनकी पुस्तकों मे दर्ज हुई। कवि की अंतर्यात्रा उनकी पहली किताब थी। इसके बाद बीस कविता संग्रह और कई नाटक भी प्रकाशित हुए। चैत की लाल टहनी , उठे गूमड़ नीले और ऋतु का पहला फूल उनके चर्चित संग्रह हैं। विजेंद्र ने बरसों तक कृति और नामक साहित्यिक पत्रिका का भी संपादन-प्रकाशन किया।   कोरोना ने हम सबसे बहुत कुछ छीन लिया है। पिछले 30 अप्रैल 2021 को...