प्रेमनन्दन की कविताएँ
प्रेम नंदन प्रेम नंदन ( परिचय ) --------- जनपद फतेहपुर ( उ 0 प्र 0) के एक छोटे से गाँव फरीदपुर में को जन्म . शिक्षा एम 0 ए 0 ( हिन्दी ), बी 0 एड 0, पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा . लेखन और आजीविका की शुरुआत पत्रकारिता से . दो - तीन वर्षों तक पत्रकारिता करने तथा तीन - चार वर्षों तक भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टरी और कुछ वर्षों तक इधर - उधर भटकने के पश्चात सम्प्रति अध्यापन . कविताएं , कहानियां , लघुकथाएं , समीक्षा , लेख आदि का लेखन और हिंदी की प्रमुख पत्र - पत्रिकाओं , ई - पत्रिकाओं एवं ब्लॉगों में नियमित प्रकाशन . दो कविता संग्रह ' सपने जिंदा हैं अभी ' और ' यही तो चाहते हैं वे ' प्रकाशित समय का ऐसा दबाव है कि कवियों की कविताओं से प्रकृति नदारद होती जा रही है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हम अपनी प्रकृति से लगातार कटते से जा रहे हैं। पर्यावरणीय बदलावों से भी उस प्रकृति के सामने संकट खड़ा हो गया है जो हम सबके लिए माँ के गोद जैसी है। प्रेमनन्दन ...