हुस्न तबस्सुम ‘निहॉ’ की कविताएँ
विधा - कहानी,कविता,लेख प्रकाशन - कहानी संग्रह- नीले पंखों वाली लड़कियाँ - (स्वराज प्रकाशन) नर्गिस फिर नहीं आएगी- (सामयिक प्रकाशन) गुलमोहर गर तुम्हारा नाम होता-राजकमल प्रकाशन ( प्रकाशनाधीन) कविता संग्रह : मौसम भर याद- (सुकीर्ति प्रकाशन) चांद ब चांद- (बोधि प्रका श न) सम्मान- समाज रत्न, सरस्वती साहित्य सम्मान, महादेवी वर्मा सम्मान स्व0 श्री हरि ठाकुर स्मृति सम्मान, और विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ से विद्यावचस्पति की मानद उपाधि अनुवाद- रचनाओं का पंजाबी,मलयालम,उर्दू भाषाओं में अनुवाद व मंचन कवि का काम ही है अपने आस पास की दुनिया के शोषित-वंचित जन की पीड़ा को शब्द देना। वही कवि सफल कवि होता है जिसने इस पीड़ा को अपना स्वर दिया हो. हुस्न तबस्सुम निहाँ ऐसी ही युवा कवियित्री हैं जो इस स्वर को अपने शब्द देती हैं. इसी क्रम में वे अपने कवि से पूछती हैं - 'तुम कब लिखोगे/ सुरमई रातों वाली कविता/ कब लिखोगे भींगते/ आकाशों का सुख/ और सिर झुकाए खड़ी /दीन-हीन धर।' आईए पढ़ते हैं तबस्सुम...