अनिल कुमार सिंह की कविताएं
अनिल कुमार सिंह मुहावरे गहन अनुभवों से निःसृत होते हैं। ये अनुभव खास के नहीं बल्कि आम जन के होते हैं इसीलिए एक बड़े समुदाय से शीघ्र ही जुड़ जाते हैं। फिर इनका जीवन के विविध क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है। तूती की आवाज ऐसा ही मुहावरा है जो उस जन के लिए इस्तेमाल किया गया जिसकी समाज में सामान्य सी हैसियत होती है। इस सामान्य को अक्सर ही दबा दिया जाता है। विशिष्ट अपनी ऊंची आवाज में हर जगह नजर आते हैं। वे ऐसे काम करते भी नजर आते हैं जो उनकी दिनचर्या में शामिल नहीं होता। लेकिन कवि की संवेदना तो उस आम जन से ही जुड़ती है जो प्रताड़ित होने के लिए अभिशप्त ही होता है। वह तूती की आवाज को भी रेखांकित करने का दम रखता है। अनिल कुमार सिंह ने एक समय में उम्दा कविताएं लिखीं। पहला उपदेश नामक उनका संग्रह भी आया। लेकिन यह कवि अपनी काव्य यात्रा इसलिए आगे नहीं बढ़ा पाया क्योंकि वह इस बात से परेशान था कि शब्द किताबों में दब कर रह जाते हैं। असल काम तो हमें समाज में जा कर ही करना होगा। आज जन्मदिन के मौके पर पहली बार की तरफ से अनिल को जन्मदिन की बधाई एवम शुभकामनाएं। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते ह...