जुआन रुल्फो की कहानी ‘उनसे बोलो मेरा कत्ल न करें’ अनुवाद : यादवेन्द्र
यह जीवन अमूल्य है। इस जीवन की अहमियत तब समझ आती है जब सामने मौत खड़ी हो। जुवेन्सियो ऐसा ही एक पात्र है जो मौत से बचने के लिए हर संभव प्रयास करता है। अंततः एक दिन उसका सामना मौत से होता है। मैक्सिको के कहानीकार जुआन रुल्फो अपनी कहानी ‘उनसे बोलो मेरा कत्ल न करें’ में जिस बारीकी के साथ इस कथ्य का ताना बाना बुनते हैं वह क्लासिकल लगता है। इस कहानी का अनुवाद किया है जाने माने अनुवादक और रचनाकार यादवेन्द्र जी ने। तो आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं जुआन रुल्फो की कहानी ‘उनसे बोलो मेरा कत्ल न करें’। उनसे बोलो मेरा क़त्ल न करें जुआन रुल्फो (मेक्सिको, 1917-1986) उनसे बोलो मेरा क़त्ल न करें , जुस्तिनो ... और उनसे गुजारिश करो ..खुदा के वास्ते मेरी जान बख्श दें। उठो और उनसे बोलो ..प्लीज खुदा के लिए ऐसा कर दो मेरे बच्चे। मैं ऐसा कैसे कर ...