चार्ली चैपलिन का अपनी नृत्यांगना बेटी को लिखा एक मशहूर खत
चार्ली चैपलिन मोबाइल के चलन ने कई व्यवस्थाओं को विस्मृति के गर्त में पहुंचा दिया है। यह सही बात है कि त्वरित सन्देश पहुंचाने में मोबाइल की बराबरी करने वाला और कोई माध्यम नहीं है। सन्देश के लिए माध्यम का काम कभी ये पत्र ही किया करते थे। पत्र लिखना अब बीते जमाने की बात हो गई है। लेकिन कुछ महत्त्वपूर्ण हस्तियों के पत्रों ने एक बड़े समुदाय को प्रभावित करने का काम किया। अब्राहम लिंकन द्वारा अपने पुत्र के शिक्षक के नाम लिखा पत्र विश्वविख्यात है। गांधी जी अपने पास आने वाले हर पत्र का जवाब दिया करते थे। जवाहर लाल नेहरू ने पत्र के जरिए ही अपनी बेटी इन्दिरा प्रियदर्शिनी को भारत और विश्व के इतिहास से भलीभांति परिचित कराया था। वस्तुतः ये पत्र अपने समय की सुगन्ध लिए हुए होते हैं। वे केवल इतिहास ही बयां नहीं करते बल्कि उस साहित्यिक परिष्कार से हमें अवगत कराते हैं, जो हमारी थाती हैं। ये पत्र उस वसीयत की तरह होते हैं जो अगली पीढ़ियों के लिए प्रायः मार्गदर्शक का काम करते हैं। प्रख्यात हास्य अभिनेता चार्ली चैपलिन ने 1965 में क्रिसमस की रात को अपनी नृत्यांगना बेटी को एक पत्र ...