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शंभु नाथ का आलेख 'रेत समाधि : उपन्यास पर कुछ बातें'

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  गीतांजलि श्री   गीतांजलि श्री के उपन्यास रेत समाधि का डेज़ी रॉकवेल द्वारा किए अंग्रेज़ी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ को वर्ष 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस तरह 'रेत समाधि' हिंदी का ऐसा पहला उपन्यास है, जिसके अंग्रेज़ी अनुवाद को इस पुरस्कार के लिए चुना गया। इस पुरस्कार के लिए गीतांजलि श्री की 'रेत समाधि' सहित जिन छह लेखकों की क़िताबों की शॉर्टलिस्टेड थीं - वे हैं कोरियाई लेखिका बोरा चुंग की 'कर्स्ड बनी', नार्वेजियन जॉन फोस्से की 'ए न्यू नेम : सेप्टोलॉजी सिक्स टू सेवन', जापानी मीएको कावाकामी की 'हेवन', स्पेनिश क्लॉडिया पिनेइरो की 'एलेना नोज' और पोलैंड की ओल्गा तुगार्चुक की 'द बुक्स ऑफ जैकब' - ये सभी अपनी-अपनी भाषाओं के बड़े रचनाकार हैं। इन सभी में से 'रेत समाधि' या 'टॉम्ब ऑफ सैंड' का चयन अपने आप में मायने रखता है। वरिष्ठ आलोचक शंभू नाथ ने 'रेत समाधि' और 'बुकर सम्मान' की एक पड़ताल की है। यह आलेख हमने वागर्थ के  जुलाई 2022 अंक से साभार लिया है। आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं शंभू नाथ...