निशान्त पाठक की कविताएं
निशान्त पाठक दुनिया का सबसे निश्छल रिश्ता मां बेटे का होता है। मां के लिए उसका बेटा हमेशा बच्चा ही होता है, चाहें बच्चा जिस उम्र का हो जाए। दुनिया के प्रायः सभी कवि मां पर कविता लिखते हैं। युवा कवि निशांत द्वारा मां पर कविता लिखी कविता की पंक्तियां है : 'हम जान ही नहीं पाते थे/ उसके अपने भी/ कुछ दुःख होते हैं/ हमारे लिए तो/ वो मलहम थी/ जिसे किसी भी चोट पर/ लगा लेते थे हम/ हम नहीं समझ पाते थे/ क्यों करती है मां/ हाड़ तोड़ मेहनत/ अब कुछ कुछ/ जान पाता हूं/ जिंदगी की धूप/ उसे बैठने नहीं देती थी'। निशान्त के पास प्रेम पर कुछ छोटी छोटी लेकिन बेहतरीन कविताएं हैं। सहज सरल लेकिन अनुभवों से आबद्ध भाषा है। वे कम लिखते हैं। छपने के लिए भी कम ही भेजते हैं। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं निशान्त पाठक की कविताएं। निशान्त पाठक की कविताएं अचार की संस्कृति अचार हमारे लिए पीढ़ियों की विरासत एक समूची संस्कृति है दादी की दादी लगाती थीं अचार नानी की नानी लगाती थीं अचार मां भी लगाती है अचार अब बहन भी बचपन से अचार हमारे जीवन का सबसे रंगीन हिस्सा किस्सा होता था हम किस...