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अमरेन्द्र कुमार शर्मा का आलेख 'सिनेमा की काया का द्रष्टा'

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अमरेन्द्र कुमार शर्मा  कला जीवन की एकरसता को तोड़ती है और मनुष्य को संवेदनशील बनाती है। कला के अनेक माध्यम हैं। इन माध्यमों में सिनेमा वह माध्यम है जिसके दोहरे आयाम हैं। दृश्य के साथ साथ श्रव्य भी। इन दोनों का किसी भी दर्शक के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसीलिए मनोरंजन के माध्यम के रूप में सिनेमा अन्य कलाओं से अग्रणी दिखाई पड़ता है। अपनी शुरुआत से ले कर आज तक हिन्दी सिनेमा कई चरणों से हो कर गुजरा है। आजकल यह ओ टी टी स्टेज में है।  अमरेन्द्र कुमार शर्मा ने हिन्दी सिनेमा के चरित्र और उसके विकास को ले कर तीन विशेषज्ञ लेखकों से बातचीत किया है। ये विशेषज्ञ लेखक हैं : विजय पाडलकर, विजय शर्मा और मनोज रूपड़ा। अमरेन्द्र शर्मा ने एक ही तरह के कुल आठ सवाल इन तीनों विशेषज्ञों से किए हैं। इन सवालों के जरिए इक्कीसवीं सदी में हिंदी सिनेमा के विभिन्न दृष्टिकोणों को ले कर सिनेमा  लेखन पर गम्भीर विमर्श किया गया है। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं बातचीत पर आधारित अमरेन्द्र कुमार शर्मा का आलेख 'सिनेमा की काया का द्रष्टा'। 'सिनेमा की काया का द्रष्टा'  अमरेन्द्र कुमार शर्मा...

उदय प्रकाश की कहानी मोहन दास पर विजय शर्मा की विवेचना

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उदय प्रकाश किसी भी रचनाकार के लिए अपने शिल्प और कथ्य से बाहर निकल कर नए शिल्प और कथ्य में रचने की एक बड़ी चुनौती होती है। जो इसे नहीं कर पाते वे अपनी रचना में खुद को ही दुहराने लगते हैं और कुछ नया नहीं रच पाते। महाप्राण निराला बहुत हद तक अपनी रचनाओं में अपने नए शिल्प रचने के लिए जाने जाते हैं । सौभाग्यवश हमारे समय के चर्चित रचनाकार उदय प्रकाश भी इस कला में माहिर हैं । उदय प्रकाश अपनी हर रचना के साथ नए शिल्प और कथ्य रूप में अवतरित होते हैं। यही कारण है कि उनकी हर कहानी एक लम्बे समय बाद भी पढने पर नयी लगती है और लम्बे समय तक चर्चा में बनी रहती है। ‘मोहन दास’ उदय प्रकाश की वह चर्चित कहानी है जिसने काफी प्रसिद्धि पायी। साहित्य अकादमी ने उन्हें इस लम्बी कहानी के लिए प्रतिष्ठित अकादमी पुरस्कार प्रदान किया। इस कहानी की एक विवेचना की है मशहूर आलोचक और फिल्म समीक्षक विजय शर्मा ने। तो आइए पढ़ते हैं विजय शर्मा का यह आलेख ‘मोहनदास : समाज की विडम्बना पर अँगुली धरना।’   मोहनदास: समाज की विडंबना पर अँगुली धरना विजय शर्मा मेरे पसंदीदा रचनाकारों में एक नाम है उदयप्रकाश। व...