विश्व के लोकधर्मी कवियों की श्रृंखला 7: शैले
विश्व के लोकधर्मी कवियों की श्रृंखला के क्रम में हम वाल्ट व्हिटमैन, बाई जुई, मायकोवस्की, नाजिम हिकमत, लोर्का एवं बर्टोल्ड ब्रेख्त के बारे में पहले ही पढ़ चुके हैं। इसी क्रम में प्रस्तुत है पी. बी. शैले पर आलेख। विजेंद्र लोकधर्मी क्रांतिकारी कवि शैले पूरा नाम है पर्सी बाइशि शैले। अंग्रेजी रोमेंटिक आन्दोलन के अत्यंत प्रमुख प्रगीति कवि। स्वभाव से विद्रोही। अपने अंग्रेज़ी सामंती –अर्द्ध सामंती समाज में लोकधर्मी क्रांतिकारी कवि शैले। इस संदर्भ में याद आते हैं निराला। वैसे निराला पर शैले का प्रभाव है। उनकी प्रसिद्ध कविता, ‘ बादल राग ’ शैले की बहुचर्चित प्रसिद्ध कविता ‘दॅ क्लाउड’ के असर में है। भारत में शैले का असर रबि बाबू तथा जीवनानंद दास की कविताओं पर भी है। गाँधी जी शैले की प्रसिद्ध कविता, ‘ मास्क ऑफ एनार्की ’ से उनकी अहिंसक नीति के वाक्य अक्सर उद्धृत करते थे। गाँधी जी उनकी ‘अहिंसक क्रांति’ तथा जनता में शांति तथा धैर्य रखने की बात को बहुत सराह...