जितेंद्र श्रीवास्तव के कविता संग्रह 'सूरज को अंगूठा' पर देवेश पथ सारिया की समीक्षा पृथ्वी की सारी स्त्रियाँ, प्रार्थनाएँ हैं
. जितेन्द्र श्रीवास्तव का हालिया प्रकाशित कविता संग्रह ' सूरज को अंगूठा ' चर्चित रहा है। इस संग्रह की एक समीक्षा लिख भेजी है युवा कवि देवेश पथ सारिया ने। आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं जितेन्द्र श्रीवास्तव के कविता संग्रह ' सूरज को अंगूठा ' की देवेश पथ सारिया द्वारा लिखी समीक्षा। पृथ्वी की सारी स्त्रियाँ , प्रार्थनाएँ हैं देवेश पथ सारिया सन 2012 में प्रकाशित ' कायांतरण ' के बाद ' सूरज को अंगूठा ' वरिष्ठ कवि जितेंद्र श्रीवास्तव का हालिया प्रकाशित कविता संग्रह है। इसके अतिरिक्त उनकी कविताओं के कुछ चयन भी इस दौरान प्रकाशित हुए हैं। ' सूरज को अंगूठा ' संग्रह की अधिकांश कविताएं पत्रिकाओं एवं ऑनलाइन माध्यमों में प्रकाशित हो कर चर्चित एवं प्रशंसित रही...