अनिल कुमार राय का आलेख 'कवि के विचार गद्य में समय और साहित्य'
केदार नाथ सिंह केदार नाथ सिंह न केवल अपने समय के शीर्ष कवि रहे हैं बल्कि उन्होंने हिन्दी साहित्य के चिन्तन पक्ष पर भी शिद्दत से विचार किया है। केदार जी का गद्य पढ़ते हुए हमें काव्यात्मक अनुभूति होती है। कहीं कोई बोझिलता या जटिलता नहीं। वे कठिन से कठिन बात यहाँ तक कि दर्शन की बात तक को आम बोल चाल की भाषा में लिख देने वाले कलमकार रहे हैं। केदार जी के विचार गद्य पर एक महत्वपूर्ण आलेख लिखा है प्रोफेसर अनिल राय ने। यह आलेख साखी के केदार नाथ सिंह विशेषांक में प्रकाशित हुआ है। आज 19 नवम्बर को केदार जी का जन्म दिन है। केदार जी को नमन करते हुए आज पहली बार पर प्रस्तुत है अनिल कुमार राय का आलेख ' कवि के विचार गद्य में समय और साहित्य ' । कवि के विचार-गद्य में समय और साहित्य अनिल कुमार राय केदार नाथ सिंह के साहित्य–विषयक विचार-गद्य के सम्बन्ध में साहित्य के अध्येताओं के मन में एक स्वाभ...