विनीता बाडमेरा का यात्रा वृत्तांत "यात्रा हवेलियों के शहर जैसलमेर की"
हिन्दुस्तान अपने आप में एक महाद्वीप है। इसीलिए इसे 'देशों का देश' भी कहा जाता है। सचमुच हिन्दुस्तान के अलग अलग राज्य अपने आप में किसी देश से कम नहीं लगते। यहां विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों और पृष्ठभूमि वाली जगहें हैं जिन्हें देखने के लिए देश विदेश से तमाम पर्यटक वर्ष भर आते रहते हैं। राजस्थान को पहले राजपूताना कहा जाता था। विभिन्न राजपूत राजाओं ने अपने छोटे छोटे राज्यों में मजबूत किलों और भव्य महलों का निर्माण कराया जो आज भी अपने शानदार अतीत की याद दिलाते हैं। राजस्थान का जैसलमेर ऐसी ही जगह है जिसे 'हवेलियों का शहर' ही कहा जाता है। जैसलमेर, उत्तर-पश्चिमी भारतीय राज्य राजस्थान का एक शहर है, जो राजधानी जयपुर से 575 किलोमीटर पश्चिम में थार मरुस्थल के केंद्र में स्थित है। यह एक पूर्व मध्ययुगीन व्यापारिक केंद्र और जैसलमेर राज्य की ऐतिहासिक राजधानी है, जिसकी स्थापना 1156 ई. में भाटी शासक रावल जैसल द्वारा की गई थी। जैसलमेर जिले का भू-भाग प्राचीन काल में ’माडधरा’ अथवा ’वल्लभ मण्डल’ के नाम से प्रसिद्ध था। यहाँ अनेक सुंदर हवेलियां और जैन मंदिरों के समूह हैं जो 12वीं से 15वीं शताब...