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श्यामबिहारी श्यामल के उपन्यास 'कंथा' का 'भाव भेंट' शीर्षक से एक अंश।

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  जीवनीपरक उपन्यास लेखन की वह विधा है जिसमें लेखक अपने नायक के जीवन और परिवेश में उतर कर महसूस करने की कोशिश करता है और उसे शब्दबद्ध करता है। ' मानस का हंस ', ' खंजन नयन ' और ' कलम का सिपाही ' जैसी कालजयी कृतियाँ इसका बेमिसाल उदाहरण हैं। वैसे यह परंपरा अत्यन्त समृद्ध है। हाल ही में इस कड़ी को आगे बढ़ाया है श्याम बिहारी श्यामल ने अपने उपन्यास ' कंथा ' के जरिए। प्रख्यात रचनाकार जयशंकर प्रसाद के जीवन पर आधारित इस उपन्यास के लेखन का मैं शुरुआत से ही साक्षी रहा हूँ। नवनीत में धारावाहिक रूप में प्रकाशित हो कर यह उपन्यास पहले ही लोकप्रियता अर्जित कर चुका है। अब यह उपन्यास राजकमल से प्रकाशित हो चुका है। आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं श्यामबिहारी श्यामल के उपन्यास ' कंथा ' का ' भाव भेंट ' शीर्षक से एक अंश।       ‘ कंथा ‘: उपन्यास : श्याम बिहारी श्यामल : राजकमल प्रकाशन : पेपरबैक संस्करण,  कुल पृष्ठ 544: मूल्य 599 ...