बोहमिल हराबल की चेक कहानी 'देवदूत'
Bohumil Hrabal आज पहली बार पर हम चेक कहानी देवदूत प्रस्तुत कर रहे हैं। मूल चेक भाषा से इसका अंग्रेजी अनुवाद पॉल विल्सन ने किया है जबकि अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद किया है कवि श्रीविलास सिंह ने। श्रीविलास सिंह ने विश्व साहित्य के कुछ अनछुए पन्नों को सामने लाने का महत्त्वपूर्ण प्रयास किया है। कहानी को उसके मूल के भाव में अनुवादित करना श्रीविलास सिंह की खासियत है। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं बोहमिल हराबल की चेक कहानी 'देवदूत'। 'देवदूत' (चेक कहानी) बोहमिल हराबल (1914-1997) अंग्रेज़ी अनुवाद : पॉल विल्सन अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद : श्रीविलास सिंह युवा सुरक्षाकर्मी कक्ष के बाहर उस जगह खड़ा था जहाँ वे फायर क्ले के पाइपों का भण्डारण करते थे। जब वह महिला कैदियों को फायर क्ले के बड़े-बड़े कन्डुइट उतारते हुए देख रहा था, उसका अंगूठा उस सैम ब्राउन बेल्ट में अटका हुआ था जिससे होल्सटर में रखा रिवाल्वर लटक रहा था। उसके बगल में विलो का एक वृक्ष - जिसका पुस्सी विलो (विलो वृक्ष से प्राप्त रुई जैसा फाइबर) हर बसंत मानवीय हाथों द्वारा नोच लिया जाता था - फिर से पहल...