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महेश चन्द्र पुनेठा की कविताएं

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पहली बार हमने एक नयी श्रृंखला प्रारम्भ की है जिसके अंतर्गत एक कवि की कवितायें दूसरे कवि की टिप्पणी के साथ प्रस्तुत की जा रही हैं। इसी क्रम में प्रस्तुत हैं महेश चन्द्र  पुनेठा की कवितायें शैलेय की टिप्पणी के साथ। महेश चन्द्र पुनेठा लोक के बहुत गहरे कवि हैं। गौरतलब है कि उनके यहां लोक किसी सामान्य उद्वरण सामान्य मुहावरे की तरह नहीं बल्कि वह अपनी गहन संवेदना से सम्पृक्त व्यापक सरोकारों के आख्यान की तरह खुलता चला जाता है। पहाड़ के कवि होने के नाते यह बहुत सहज स्वाभाविक है कि अनगिनत घाटियों सी गहरी-गहरी पीड़ाएं और हरी-भरी अगाध ऊंचाइयों का उद्दाम आवेग उनकी कविताओं का प्राथमिक विषय है। यहां यह महत्वपूर्ण है कि पुनेठा सुमित्रानंदन पन्त की तरह महज प्रकृति के सुकुमार कवि बन कर ठहर नहीं जाते । वे पहाड़ के कठोर जन-जीवन में भीतर तक पै ठ करते हैं और वहां की विषम जमीनी सच्चाइयों को रचना के धरातल प र ला कर पाठक से रूबरू कराते हैं।   यह सुखद आश्वस्ति है कि पुनेठा ने अपने पहले कविता संग्रह भय अतल में की हदों को तोड़ते हुए अपनी कविता में व्यंजनाओं की नई जमीन स्थापित की है। ज...

शैलेय

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शैलेय   जन्म - 6.6.1966 - ग्राम जैंती ;रानीखेत, जनपद-अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड। शिक्षा - पी एच.डी. ;(हिन्दी)। - लम्बे समय से मजदूर आंदोलन-कुष्ठ रोगियों के मध्य कार्य-संस्कृति कर्म में सक्रिय। उत्तराखण्ड      आंदोलन के दौरान जेल यात्रा। किशोरावस्था से ही अनेक फुटकर नौकरियां एवं पत्रकारिता करते हुए संप्रति-एसोसिएट प्रोफेसर। प्रकाशन - - या (कविता संग्रह) - तो (कविता संग्रह) - यहीं कहीं से (कहानी संग्रह) - हाशिये का कोरस (उपन्यास) ;शीघ्र प्रकाश्य- (आधार प्रकाशन) - नई कविताः एक मूल्यांकन (आलोचना पुस्तक) - कुछेक पर्शियन कविताओं का हिन्दी अनुवाद संपादन - ‘द्वार’ तथा ‘इन दिनों’-साहित्यिक सांस्कृतिक पत्रिकाएं। सम्मान - परम्परा सम्मान, शब्द साधक सम्मान, आचार्य निरंजननाथ सम्मान, परिवेश सम्मान अंबिका प्रसाद दिव्य सम्मान, मलखान सिंह सिसौदिया पुरस्कार पता - D2-1/14 मैट्रोपौलिस सिटी, रुद्रपुर; ऊधमसिंहनगर उत्तराखण्ड -263153. मो. नं-  09760971225             09410333840 अंग्रेज अ...