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मणिलाल पटेल की गुजराती कहानी 'बाबा का आख़िरी ख़त'

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मणिलाल पटेल एक परिवार में कई व्यक्ति होते हैं। एक परिवार का होने के बावजूद सदस्यों के अलग अलग स्वभाव होते हैं। कोई अपेक्षाकृत उदार, कोई कड़वा बोलने वाला, तो कोई मीठी मीठी बातें करने वाला। मीठी बातें करने वालों से सब भले ही खुश रहें, लेकिन उसका काईयापन खतरनाक होता है। कठोर बोलने वाले से प्रायः सभी रुष्ठ रहते हैं। लेकिन उस कठोरता के पीछे अक्सर एक संवेदनशील मन भी होता है जो अपनत्व से भरा होता है। खासकर अभिभावक को परिवार के सदस्यों के प्रति कड़ा या रुखा व्यवहार अपनाना पड़ता है जिसके पीछे तमाम कारण होते हैं। तीखे व्यवहार के पीछे छिपे सरल सहज मन के बारे में तो कभी-कभी पता भी नहीं चल पाता। और कभी कभी जब इस बात का पता चलता है तब तक देर हो गई होती है। मणिलाल पटेल की गुजराती कहानी 'बाबा का आख़िरी ख़त' इसी भाव भूमि पर आधारित संवेदनशील कहानी है। इस कहानी का खासतौर पर पहली बार के लिए अनुवाद किया है रजनीकांत एस. शाह ने। रजनीकांत ने अपने सरस अनुवाद के जरिए गुजराती के अनेक रचनाकारों की रचनाओं से हिन्दी संसार को परिचित कराया है। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं मणिलाल पटेल की गुजराती कहानी ...

समकालीन गुजराती कविताओं का अनुवाद

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  रजनीकांत एस शाह हर कविता की अपनी अलग भाव-भूमि होती है। भाषा उसकी अभिव्यक्ति का मुख्य माध्यम होती है। हर कवि अपनी तरह से भाषा को समृद्ध करने का कार्य करता है। इन अर्थों में देखा जाए तो गुजराती भाषा एक समृद्ध भाषा है जिसमें अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का सृजन किया है। रजनीकांत एस. शाह ने गुजराती की बेहतरीन रचनाओं को सामने लाने का महत्त्वपूर्ण प्रयास किया है। इस क्रम में उन्होंने गुजराती के कुछ उन कवियों को अनुवादित और रेखांकित किया है जिन्होंने बेहतर लेखन किया है। अनिल चावडा, प्रफुल्ल रावल, रमेश पारेख, कुंदनिका कापडिया और रमेश शाह की कविताओं के अनुवाद उन्होंने पहली बार को उपलब्ध कराए हैं। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं कुछ समकालीन गुजराती कविताओं का हिन्दी अनुवाद। अनुवादक हैं रजनीकांत एस. शाह।   समकालीन गुजराती कविताओं का अनुवाद  सभी कविताओं के अनुवादक : डॉ. रजनीकान्त एस. शाह अनिल चावडा  1.पुत्री की विदाई कवि : अनिल चावडा इतने बरस जिसने घर को रखा उष्मित मेंहदी रचा कर चला आज घर का वह उजास बिटिया के जाने से ऐसा लगता  गया ताक से दीया नहीं जुड़ेगा अब ...