कैटलीना इनफ़ैंट बोविक की कहानी 'फर्न्स'
Catalina infante Beovic कोरोना महामारी ने न केवल इस दुनिया को बल्कि व्यक्ति के जीवन को बदल कर रख दिया। यह एक ऐसे वायरस के चलते था जिसे देखा और छुआ तक नहीं जा सकता था। यह वायरस कैसे हमारी देह में प्रविष्ट करता, यह हम जान तक नहीं पाते और अन्ततः यह हमारी जान लेने के लिए उतारू हो जाता। सरकार ने इस वायरस से जहां तक संभव हो, बचने की ताकीद की। यहां तक कि घर में साथ रहने वाले परिजन भी एक दूसरे से बचने की कोशिश करते नजर आए। सरकारों ने अपने यहां लॉक डाउन घोषित कर दिया और लोगों से अपेक्षा की गई कि वे घर से बाहर न निकलें। जिस सामाजिकता की वजह से मनुष्य अलग से जान पहचाना जाता था वह अब दो गज की जरूरी दूरी में बदल गया। यह सब लगभग दो साल तक चलता रहा। इसी घटना को केन्द्र में रख कर चिले की कहानीकार कैटलीना इनफ़ैंट बोविक ने मनुष्य की इस समय की मनो संरचना पर एक शानदार कहानी लिखी है। कैटलीना इंफेंट बोविक 1984 में जन्मी चिले की लेखिका है। चिले के लोगों और उनके जीवन के बारे में उनकी कहानियों के तीन संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इस कहानी में एक बेनाम वायरस के कारण लॉक डाउन के कारण ...