बजरंग बिहारी की मुक्तिबोध-परिसंवाद पर एक रपट ‘हमारे समय के अँधेरे में’।
मुक्तिबोध यह मुक्तिबोध का जन्म-शताब्दी वर्ष है । इस अवसर पर विगत 29 अप्रैल 2017 को जनवादी लेखक संघ और राजेंद्र प्रसाद अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में मुक्तिबोध पर एक परिसंवाद का आयोजन किया गया । इस आयोजन की एक रपट तैयार की है कवि-आलोचक बजरंग बिहारी ने । तो आज पहली बार पर पढ़ते हैं इस परिसंवाद की यह रपट ‘हमारे समय के अँधेरे में’। हमारे समय के अंधेरे में बजरंग बिहारी जनवादी लेखक संघ और राजेंद्र प्रसाद अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार दिनांक 29 अप्रैल , 2017 को आइटीओ के निकट राजेंद्र प्रसाद भवन , नई दिल्ली में मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक परिसंवाद का आयोजन किया गया । परिसंवाद की अध्यक्षता वरिष्ठ लेखक दूधनाथ सिंह ने की । स्वागत वक्तव्य राजेंद्र प्रसाद अकादमी के निदेशक अनिल मिश्र ने दिया । कार्यक्रम का संचालन आलोचक-कथाकार संजीव कुमार ने किया । स्वागत वक्तव्य में अनिल मिश्र ने कहा कि यह बड़ा संकटपूर्ण समय है । ऐसे कठिन दौर में समाजवादी और साम्यवादी धाराओं में एकता होनी चाहिए । अगर यह एकता संभव नहीं तो उनमें आपस में संवा...