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अनामिका सिंह की गजलें

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अनामिका सिंह  परिचय -   नाम- अनामिका सिंह  जन्म तारीख - 09 अक्टूबर 1978 जन्मस्थान -इन्दरगढ़ जिला कन्नौज  वतर्मान निवास - शिकोहाबाद, फिरोजाबाद माता – श्रीमती देशरानी  पिता – श्री श्रीकृष्ण यादव  शिक्षा - परास्नातक विज्ञान एवं समाज-शास्त्र, बी.एड. संप्रति -शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश में कार्यरत अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित ग़ज़लें / नवगीत प्रकाशन प्रकाशित कृतियाँ   'न बहुरे लोक के दिन’ नवगीत संग्रह (बोधि प्रकाशन -(2021) नवगीत संग्रह- 'अँधेरा कुछ तो होगा दूर' (बिम्ब प्रतिबिम्ब प्रकाशन) 'अक्षर अक्षर हव्य', दोहा संग्रह, श्वेतवर्णा प्रकाशन (2024) ‘उम्मीदों के गीत-पंख' गीत संग्रह (2024) श्वेतवर्णा प्रकाशन  ‘राहतों के नाम पर बेचैनियाँ' ग़ज़ल संग्रह सम्पादन- ‘आलाप’ समवेत नवगीत संकलन (2023) शुभदा बुक्स प्रकाशन 'सुरसरि के स्वर'  समवेत छंद संकलन , श्वेतवर्णा प्रकाशन (2020) सम्पादन - 'अंतर्नाद' साहित्यिक पत्रिका   सह-सम्पादन ‘कल्लोलिनी’ साहित्यिक पत्रिका सम्पादक/ संचालक ‘कंदील' समकालीन कविता पर एकाग्र साहित्यिक समूह लेखन विधा – ग़ज़ल ...

यश मालवीय के गजल संग्रह पर अनामिका सिंह की समीक्षा

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कोई भी रचना समकालीन समकालीन यथार्थ को किसी न किसी तरह अभिव्यक्त करती है। यह समकालीनता ही उस रचना को सार्वभौमिकता प्रदान करती है। नवगीतकार यश मालवीय अपने गीतों और गजलों में लोक समस्याओं को करीने से उठाते हैं और अभिव्यक्त करते हैं। हाल ही में यश मालवीय का एक गजल संग्रह 'अनमने राम' प्रकाशित हुआ है। इसकी समीक्षा लिखी है युवा गजलकार अनामिका सिंह ने। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं यश मालवीय के गजल संग्रह पर अनामिका सिंह की समीक्षा। ' अनमने राम : दर्द वही अपना, जो दर्द है अवाम का' अनामिका सिंह  18 जुलाई 1962 को यश मालवीय ने लब्धप्रतिष्ठ कवि उमाकान्त मालवीय जी के पुत्र के रूप में जन्म लिया।  गीत संसार में उमाकान्त मालवीय जी ने  जो प्रसिद्धि और स्थान पाया था, उस विरासत को यश मालवीय ने जितनी  शिद्दत से सहेजा, सँवारा, दुलारा वह  दुर्लभ है। उनके लगभग दर्जन भर नवगीत संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। गीत उनके लिए साँस लेने जैसा है। शायद ही कोई विषय छूटा हो जिस पर उन्होंने गीत न लिखा हो। जीवन के हर पल को उन्होंने गीत में दर्ज़ किया है। लगभग उन्होंने हर विधा को समृद्ध किया, पर...