अब्राहम लिंकन
उसे सिखाना (अब्राहम लिंकन का अपने पुत्र के शिक्षक के नाम एक पत्र ) उसे पढ़ाना कि संसार में दुष्ट होते है तो आदर्श नायक भी कि जीवन में शत्रु हैं तो मित्र भी उसे बताना कि श्रम से अर्जित एक रुपया बिना श्रम के मिले पांच रूपये से भी अधिक मूल्यवान है उसे सिखाना कि पराजित कैसे हुआ जाता है यदि तुम उसे सिखा सको तो सिखाना कि ईर्ष्या से दूर कैसे रहा जाता है नीरव अट्टहास का गुप्त मंत्र भी उसे सिखाना तुम करा सको तो उसे पुस्तकों के आश्चर्य लोक क़ी सैर अवश्य कराना किन्तु उसे इतना समय भी देना कि वह नीले आकाश में विचरण करते विहग-वृन्द के शाश्वत सत्य को जान सके हरे- भरे पर्वतों क़ी गोद में खिले...