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सुनील कुमार पाठक का भोजपुरी आलेख 'छपरा के बच्चू बाबा आ उहाँ के कविता'

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  बच्चू पांडेय  हिन्दी का आकाश उसकी स्थानीय भाषाओं जैसे भोजपुरी, ब्रज, अवधी, बुन्देली आदि से जगमग है। कई ऐसे रचनाकार हैं जो अपनी स्थानीय बोली भाषा में लिखने के साथ साथ हिन्दी में भी साधिकार लिखते रहे हैं। ऐसा ही एक नाम बच्चू पांडेय का है। वे बच्चू बाबा नाम से कहीं अधिक ख्यात थे।  पांडेय जी ने हिन्दी के साथ साथ भोजपुरी में भी बेहतर लिखा है। उनकी भोजपुरी कविताओं पर एक गहन दृष्टि डाली है कवि सुनील कुमार पाठक ने। आज विश्व मातृ भाषा दिवस पर बधाई देते हुए हम पहली बार पर प्रस्तुत कर रहे हैं सुनील कुमार पाठक का भोजपुरी आलेख 'छपरा के बच्चू बाबा आ उहाँ के कविता'। 'छपरा के बच्चू बाबा आ उहाँ के कविता' सुनील कुमार पाठक                     सारण (छपरा) जिला के साहित्यिक परम्परा बहुत समृद्ध रहल बिया। प्रिन्सिपल मनोरंजन प्रसाद, आचार्य शिवपूजन सहाय, प्रो. जनार्दन प्रसाद झा 'द्विज', इज्तबा हुसैन रिजवी, हरेन्द्र देव नारायण, कविवर कन्हैया, मूसा कलीम, डा. केदार नाथ लाभ, प्रो. राजेन्द्र किशोर, प्रो. हरिकिशोर पांडेय, बच्चू पांडेय, डा. विश्वरंजन, ...