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लैस्ज्लो क्रैस्ज्नाहोरकाइ की कहानी 'बाहर कुछ जल रहा है' अनुवाद - सुशांत सुप्रिय

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  laszlo krasznahorkai     कहानी कहीं भी हो सकती है। और कहानीकार तो वह होता है जो अदेखे को भी देख ले। जो अलिखे को भी लिख दे। रचनाकार उस व्यक्ति या दृश्य को अपने लेखन के केन्द्र में रखता है जो प्रायः उपेक्षित रहता है। हंगरी के कहानीकार लैस्ज्लो क्रैस्ज्नाहोरकाइ की कहानी ' बाहर कुछ जल रहा है ' ऐसी ही एक उम्दा कहानी है जिसका अनुवाद किया है सुपरिचित कवि कथाकार सुशान्त सुप्रिय ने। आइए आज पहली बार पर पढ़ते हैं लैस्ज्लो क्रैस्ज्नाहोरकाइ की कहानी ' बाहर कुछ जल रहा है ' ।     (हंगरी की कहानी का अप्रकाशित अनुवाद)   बाहर कुछ जल रहा है   मूल लेखक - लैस्ज्लो क्रैस्ज्नाहोरकाइ ( laszlo krasznahorkai) `     (अनुवाद - सुशांत सुप्रिय)         ज्वालामुखी के गह्वर में स्थित संत ऐन्ना झील एक मृत झील है। यह झील 950 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और लगभग हैरान कर देने वाली गोलाई में मौजूद है। यह झील बरसात के पानी से भरी हुई है। इसमें जीवित रहने वाली एकमात्र मछली ‘ कैटफिश ’ प्रजाति की है। जब भालू देवदार के जंगल में से चहलकदम...