सुनील मिश्र की गजलें
सुनील मिश्र परिचय सुनील मिश्र लेखन विधा मुख्यत: ग़ज़ल। ग़ज़लें व कविता-कहानियां, लेख-समीक्षाएं प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं जैसे ‘सारिका’, ‘समकालीन परिभाषा’, ‘आजकल ‘ आदि में प्रकाशित। संयुक्त सचिव (सेवा-निवृत्त), भारत सरकार नींद मनुष्य की रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल है। नींद से शरीर की थकान तो मिटती ही है वह आगे काम करने के लिए ऊर्जा जुटाने का काम भी करती है। सामान्य तौर पर नींद हमारे रोजमर्रा में ऐसे शामिल है कि हम इसके महत्व का आभास तक नहीं कर पाते। लेकिन अगर यह नींद ही गायब हो जाए तो क्या होगा? अक्सर कई ऐसी दिक्कतें सामने आती हैं जो हमारे जीवन के सामान्य चक्र को बाधित कर देती है। नींद भी उसमें से एक है। नींद में मनुष्य ख्वाब देखता है और उस ख्वाब को फिर पूरा करने की कोशिश में जुट जाता है। लेकिन आजकल हमारे इर्द गिर्द ऐसी तमाम घटनाएं घटित हो रही हैं जो बुरे ख्वाब सरीखी हैं। हम कोई ऐसा बुरा ख्वाब देखते हैं और फिर नींद ही काफूर हो जाती है। नींद और नींद में ख्वाब देखना सामान्य सी बात है लेकिन बुरे ख्वाबों के चलते नींद का गायब हो जाना असामान्य है। और जब नींद ही गायब हो जाए तब ज...