राहुल सांकृत्यायन के भोजपुरी नाटक "जपनिया राछछ" का पंकज मोहन द्वारा किया गया हिन्दी अनुवाद
राहुल सांकृत्यायन मानव इतिहास में द्वितीय विश्व युद्ध सबसे विनाशकारी युद्ध साबित हुआ। जर्मनी, इटली और जापान जैसे धुरी राष्ट्रों ने पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया। यूरोपीय तानाशाहों की तर्ज पर जापान ने तोजो के नेतृत्व में साम्राज्यवादी रुख अपनाते हुए 'एशिया एशियाइयों के लिए' जैसा नारा गढ़ दिया। ताकतवर होने के नाते समूचे एशिया पर कब्जा करना वह अपना अधिकार समझने लगा। इस समय उसने पूरी तरह से साम्राज्यवादी तौर तरीका अपना कर एशियाई देशों को रौंदना शुरू कर दिया। क्षेत्रफल के मामले में चीन के आगे जापान कहीं नहीं ठहरता, लेकिन बौने जापान ने चीन को 1904 में ही पराजित कर दिया। 1931 में जापान ने मंचूरिया पर कब्जा कर लिया और दुनिया देखती रह गई। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने सिंगापुर, फिलीपींस, मलाया, जावा, सुमात्रा, बोर्नियो, डच न्यू गिनी, वर्मा जैसे देशों पर कब्जा कर लिया। जापानी सेनाएं भारत में प्रवेश करने लगीं। राहुल सांकृत्यायन ने अपने भोजपुरी नाटक 'जापानी राछछ' में जापान की इस साम्राज्यवादी महत्त्वाकांक्षा को उद्घाटित किया है। वैसे भी दुनिया के तमाम देशों में आज भी उ...