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श्रीधर मिश्र की कविताएं

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श्रीधर मिश्र  किताबें मनुष्य को सभ्य बनाती हैं। किताबें मनुष्य को वह जानकारियां प्रदान करती हैं जो उसे अपने समय और समाज के प्रति जागरूक करती हैं। किताबें बताती हैं कि अतीत में हमसे किस तरह की चूक हुई और किस तरह हम अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। साहित्य हो या ज्ञान विज्ञान किताबों के मार्फ़त ही हम जानकारियाँ प्राप्त करते हैं। छापेख़ाने की खोज ने मनुष्य के जीवन को बदल कर रख दिया था और सही मायने में दुनिया ने तभी आधुनिक युग में प्रवेश किया था। लोगों ने धर्म की आंतरिक दिक्कतों को पहली बार जाना समझा था। श्रीधर मिश्र अपनी कविता में लिखते हैं 'इसमें कुछ दूरदर्शी लोगों का जिक्र है/ जिन्होंने टूटती जमीन की जगह/ आसमान की फ़िक्र की।/ कुछ ने चट्टान के बचाव में/ नदी के जल पर हथौड़े चलाये।' कवि किताबों की ताकत से परिचित है और उन किताबों के उ। आयामों से भी जिनकी इस दुनिया को बेहतर बनाने में भूमिका है। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं श्रीधर मिश्र की कविताएं।  श्रीधर मिश्र की कविताएं  यह किताब यह एक जादुई किताब है जहाँ से भी पढ़ना शुरू करें एक नई कहानी खड़ी हो जाती है। कई दस्तावेज हैं जिन्...

कर्मेंदु शिशिर का आलेख 'अवधेश प्रधान के गद्य के साथ छोटी सी सहचर यात्रा'

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अवधेश प्रधान  परम्परा और आधुनिकता आम तौर पर एक दूसरे के विरोधाभासी लगते हैं। लेकिन ऐसा होता नहीं। परम्परा में सारी बातें गलत हों, ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसी तर्ज पर यह भी कहा जा सकता है कि आधुनिकता में भी सारी बातें सही हैं। अवधेश प्रधान अपने लेखन में इस परम्परा और आधुनिकता की पड़ताल करते हुए ऐसे तथ्य सामने रखते हैं जो तर्कपूर्ण लगते हैं। वे नवजागरण के महत्त्व को समझने की जरूरत पर बल देते हैं। वह नवजागरण जिसने सही मायनों में भारतीयों के अन्दर आधुनिक विचारों का बीजारोपण किया। इस नवजागरण ने भारतीयों को अपने भीतर झाँकने की दृष्टि प्रदान की। इसी क्रम में वे स्वामी विवेकानंद के अवदान को विस्तार से रेखांकित करते हैं। वे आध्यात्मिकता के उन परतों को भी बेहिचक रेखांकित करते हैं जो मानवीय मूल्यों का पक्षधर है। उनके लेखन को आधार बना कर कर्मेंदु शिशिर ने वर्तमान साहित्य पत्रिका के नवंबर 2024 जुलाई 2026 के संयुक्तांक में एक विस्तृत आलेख लिखा है। यह आलेख इसलिए भी पढ़ा जाना चाहिए कि समकालीन दो विद्वान लेखक एक दूसरे के बारे में कितना जानते समझते हैं और अपने समकालिक शख्सियत पर  किस तरह लिखा जान...