लू शुन की कहानी 'पागल की डायरी'
लू शुन प्रख्यात कथाकार लू शुन (Lu Xun) को आधुनिक चीनी साहित्य का संस्थापक माना जाता है। उनका वास्तविक नाम झोउ शुरेन (Zhou Shuren) था, और 'लू शुन' उनका उपनाम था। उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे उम्दा लघु कथाकार तो थे ही, बेहतर कवि थे और साहित्यिक आलोचक एवं निबंधकार भी थे। उन्होंने संपादक और अनुवादक की भूमिका भी निभाई। लू शुन स्थानीय भाषा की ताकत जानते थे। इसीलिए उन्होंने शास्त्रीय चीनी भाषा से परहेज करते हुए आम बोलचाल की चीनी भाषा में लिखकर आम जनता तक पहुँचने की कोशिश की। उनके लेखन ने चीन के 'मई चतुर्थ आंदोलन' (May Fourth Movement) और बाद के आधुनिकीकरण व वैचारिक क्रांति को गहराई से प्रभावित किया। 1920 के दशक के उत्तरार्ध से, लू शुन मार्क्सवादी विचारधारा और वामपंथी राजनीति में अधिकाधिक सक्रिय हो गए। 1930 के दशक में, उन्होंने वामपंथी लेखकों के संघ के साथ घनिष्ठ लेकिन तनावपूर्ण संबंध बनाए रखा। माओत्से तुंग द्वारा उनके प्रति उच्च सम्मान के कारण, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में उनकी रचनाओं को प्रतिष्ठित माना गया है। 25 सितम्बर को लू शुन का जन्मदिन है। हम उनकी स्मृति को नमन...