प्रचण्ड प्रवीर के कहानी संग्रह उत्तरायण पर धीरेन्द्र प्रताप सिंह की समीक्षा
कौन मनुष्य होगा जो खुले आसमान में रात्रि को चांद सितारों को निहारता नहीं होगा। इसी क्रम में प्राचीन काल में मनुष्य ने कुछ सितारों को खगोलीय हिसाब से जोड़ कर बारह राशियों की परिकल्पना की। तमाम लोगों को यह विश्वास है कि ये राशियाँ हमारे जीवन को बहुत हद तक प्रभावित करती हैं। बहरहाल इन बारह राशियों के नामों को शीर्षांकित करते हुए प्रचण्ड प्रवीर ने अपना कहानी संग्रह उत्तरायण तैयार किया है जिसमें कुल छः कहानियाँ हैं। साहित्य में मिथकों के इस्तेमाल की एक समृद्ध परम्परा रही है। इसी क्रम में इस कहानी संग्रह को भी देखा जा सकता है। युवा अध्येता धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने इस संग्रह की समीक्षा करते हुए लिखा है 'इस संग्रह की कहानियाँ एक ठहरे हुए जल में हलचल की तरह या कहें कि कई जगह अचानक से हाथ की अंगुलियों में लगे नश्तर की तरह दिमाग़ को झनझना देने वाली हैं। कई जगह तो कहानियों की विषयवस्तु से अधिक कहानी से गुथी हुई टिप्पणियाँ विस्मित कर देती हैं। राशियों के नाम से जुड़ी हुई कहानियों में पहले उस संबंधित राशि की खगोलशास्त्रीय व्याख्या है, फिर उस व्याख्या के मर्म से जोड़ कर कहानी की जो विषयवस्तु बुनी ...