हेमन्त कुमारी देवी का आलेख 'युक्तप्रदेश की स्त्रियों की उन्नति के मार्ग में सामाजिक बाधाएं'
हेमन्त कुमारी देवी हेमन्तकुमारी देवी ने मर्यादा के 1914 अंक में 'युक्तप्रदेश की स्त्रियों की उन्नति के मार्ग में सामाजिक बाधाएं' नामक एक आलेख लिखा था। यह आलेख स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उस समय स्त्रियों पर कैसी बंदिशें थीं। हेमन्तकुमारी ने अपने इस आलेख में वे रास्ते बताए हैं जिस पर चल कर स्त्रियाँ एक सम्मानित जीवन जी सकती हैं। वर्ष 1888 में हेमन्त कुमारी देवी ने ‘सुगृहिणी’ नामक स्त्री पत्रिका नागरी भाषा में निकाली थी। हिन्दी नवजागरण काल के इतिहास में किसी स्त्री द्वारा संपादित ‘सुगृहिणी’ पहली पत्रिका और श्रीमती हेमन्त कुमारी देवी हिन्दी साहित्य इतिहास में पहली स्त्री संपादिका है। ऐसा इसलिये कि श्रीमती हरदेवी की पत्रिका ‘भारत भगिनी’ सन 1889 में निकली थी। ‘सुगृहिणी’ पत्रिका का पहला अंक फरवरी 1888 में निकला था। नवजागरणकालीन यह पत्रिका सुखसंवाद प्रेस, लखनऊ में पण्डित बिहारी लाल के द्वारा मुद्रित होती थी। इस पत्रिका में कुल बारह पृष्ठ होते थे। ‘सुगृहिणी’ का पहला और आखिरी पृष्ठ रंगीन हुआ करता था। जिस समय हिन्दी में बालकृष्ण भट्ट, बदरी नारायण चौधरी, राधाचरण गोस्वामी और ...