चंद्रेश्वर से पंजाबी- हिन्दी लेखक जतिंदर औलख की बातचीत
चन्द्रेश्वर हरेक लेखक का अपना एक अलग व्यक्तित्व और लेखन का तरीका होता है। वैसे कविता और गद्य रचनाएँ अपने आप में लेखक के बारे में बहुत कुछ बता देती हैं लेकिन साक्षात्कार के माध्यम से खुद रचनाकार पाठकों से रु ब रु होता है। इससे रचनाकार के उन पक्षों के बारे में पता चलता है जिसके बारे में हम प्रायः अनभिज्ञ होते हैं। चन्द्रेश्वर पाण्डेय हिन्दी भोजपुरी के वरिष्ठ रचनाकार हैं जिन्होंने दोनों भाषाओं में साधिकार लेखन किया है। हाल ही में पंजाबी की प्रमुख साहित्यिक पत्रिका 'अनुताश' के जुलाई-दिसंबर 2026 अंक में चन्देश्वर का साक्षात्कार प्रकाशित हुआ है जिसे पंजाबी एवं हिन्दी के रचनाकार जतिंदर औलख ने लिया है। कुछ परिवर्द्धन के साथ उस साक्षात्कार का हिन्दी में अनुवाद पहली बार के पाठकों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। तो आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं हिन्दी भोजपुरी के कवि चंद्रेश्वर से पंजाबी-हिन्दी लेखक जतिंदर औलख की बातचीत। वरिष्ठ हिन्दी-भोजपुरी कवि-गद्यकार चंद्रेश्वर से पंजाबी- हिन्दी लेखक जतिंदर औलख की बातचीत “मानवीय संवेदना के बिना साहित्यकार होना असंभव है” औल...