अंजू केशव की गजलें
अंजू केशव नाम - अंजू केशव निवास - जमशेदपुर, झारखंड जन्मतिथि - 24 अप्रैल शिक्षा - स्नातकोत्तर, जेट उत्तीर्ण पुस्तक - सन्नाटे में शोर बहुत है (ग़ज़ल-संग्रह) गीत, ग़ज़ल, कहानी, लघुकथा आदि साहित्य की विविध विधाओं में लेखन, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और साझा संग्रहों में प्रकाशित अक्सर सामने दिखने वाला तथ्य ही सच नहीं होता। सच के तमाम पहलू और भी होते हैं। लेकिन इन्हें देखने परखने की फुरसत आज भला किसके पास है? देखने के लिए जो संवेदनाजनित दृष्टि चाहिए वह इस दौर में लगातार छिजती जा रही है। आदर्श और नैतिकता बीती और अप्रासंगिक बातें होती जा रही हैं। इस दौर में सोचने समझने को जैसे स्थगित सा कर दिया गया है। फिर भी कुछ लोग हैं जो सोचने और सिहरने वाले हैं। रचनाकार इसीलिए आम जनता के बीच होते हुए भी थोड़ा अलग होता है। वह उन उपेक्षितों की बात करता है जिन पर किसी की नज़र नहीं पड़ती। अंजू केशव जिजीविषा से भरी रचनाकार हैं। वे जानती हैं कि दुखड़ा रोने से काम नहीं चलता। जिसके पास उम्मीदें हैं, उसके पास सब कुछ है। वह हारी हुई लड़ाई भी जीत सकता है। अंजू जन्म जन्मान्तर जैसी काल्पन...