राजकिशोर राजन की कविताएँ
राजकिशोर राजन अक्षर और शब्द होते हुए वाक्य की यात्रा हमें भाषा की बारीकियों से अवगत कराती है। शब्द किसी भी भाषा की रीढ़ होते हैं जिनके प्रायः अलग-अलग मतलब होते हैं। हिन्दी में तो एक ही शब्द के कई कई पर्याय होते हैं हालांकि उनके प्रयोग के सन्दर्भ अलग-अलग ही होते हैं। एक ही शब्द को हर जगह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ऐसा भी होता है कि एक ही शब्द अलग-अलग भाषाओं में प्रयुक्त किया जाता है लेकिन उनके अभिप्राय अलग-अलग होते हैं। प्रजापति एक ऐसा ही शब्द है। हिन्दू धर्म में आमतौर पर यह शब्द ब्रह्मा के लिए प्रयुक्त होता है जिन्हें परम्परा के अनुसार सृष्टि का निर्माता माना जाता है। आजकल इस शब्द को कुम्हार लोग अपने जातिगत नाम के लिए प्रयुक्त करते हैं। वे भी तो निर्माण ही करते हैं। मिट्टी को सुन्दर बर्तनों के रूप में गढ़ डालते हैं। अपने विकास क्रम में मनुष्य ने सबसे पहले मिट्टी के बर्तनों को ही इस्तेमाल करना सीखा था। इक्कीसवीं सदी में भी आज हम मिट्टी के बर्तन प्रयुक्त करते हैं। धार्मिक कार्यों में आज भी मिट्टी के बर्तनों का ही इस्तेमाल किया जाता है। बांग्ला में प्रजापति शब्द महिलाओं ...