यादवेन्द्र का आलेख
कोई सुबूत न होगा तुम्हारे होने का न आया फ़न जो क़लम खून में डुबोने का - रईसुदीन रईस अपने कॉलम में इस बार मैं अभी अभी प्रकाशित आज के फ़िलिस्तीन की कहानियों के संकलन येरुशलम का पत्थर (वाम प्रकाशन, नई दिल्ली) की बात करता हूँ। आप पूछ सकते है : फ़िलिस्तीन है कहाँ जिसकी कहानियों की बात करने जा रहे हैं आप? नक्शे पर दिखाइये। 1948 से आज तक कभी युद्ध तो कभी अनेक अघोषित अभियानों के ज़रिए यह गिरोह फ़िलिस्तीनी भूमि को हड़पता रहा है, उसकी आबादी को आतंकित, विस्थापित और नष्ट करता रहा है, फ़िलिस्तीनियों की भाषा-संस्कृति, जीवन शैली और विशिष्ट ऐतिहासिक पहचान को हमेशा के लिए मिटा डालने की पुरज़ोर कोशिश करता रहा है। इन हमलों में कितने फ़िलिस्तीनियों की हत्या हुई इसका कोई प्रामाणिक आँकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को ग़ज़ा पर इजराइल ने जो हमले शुरू किए, वे अब तक जारी हैं। 16 मई 2026 को द गार्डियन में प्रकाशित एक लेख में संयुक्त राष्ट्र के हवाले से बताया गया है कि सिर्फ़ ग़ज़ा में तब से अब ...