निशान्त पाठक की कविताएँ
निशान्त पाठक अनुभव के लिए जरूरी नहीं कि जीवन लम्बा हो। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कम उम्र में ही अनुभव समृद्ध हो जाते हैं। कवि भी अनुभवों के जरिए ही समृद्ध होता है। निशान्त पाठक ऐसे ही कवि हैं जिनके पास कम में ही जीवन के तल्ख़ अनुभव हैं। उनकी कविताओं से रु ब रु होते समय यह स्पष्ट दिखता है। जीवन की गझिन बुनावट को निशान्त ने उम्दा तरीके से कविताओं में उतारा है। कई जगह कविताओं में कुछ झोल भी है लेकिन यह सहज और स्वाभाविक है। यह संभावनाशील कवि पहली बार कहीं भी प्रकाशित हो रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि यह कवि भविष्य में और बेहतरीन कविताओं के साथ सामने आएगा। अत्यन्त संकोच के साथ निशान्त ने पहली बार के लिए ये कविताएँ दी हैं। कविता की दुनिया में इस नए कवि का स्वागत करते हुए हम आज पहली बार पर इनकी प्रस्तुत कर रहे हैं। निशान्त पाठक की कविताएँ अचार की संस्कृति अचार हमारे लिए पीढ़ियों की विरासत एक समूची संस्कृति है दादी की दादी लगाती थी अचार नानी की नानी लगाती थी अचार मां भी लगाती है अचार अब बहन भी बचपन से अचार हमारे जीवन का सबसे रंगीन हिस्सा किस्सा होता था हम किसी भी...