पंकज मोहन का आलेख 'नोबेल साहित्य विजेत्री ऐन कार्सन'
ऐन कार्सन सौंदर्य के प्रति एक सहज आकर्षण होता है। यह आकर्षण हमें प्रेमासक्त करता है। प्रेम तात्कालिक रूप से किसी की परवाह नहीं करता। दूसरों की ही नहीं, खुद अपनी भी नहीं। ऐन कार्सन ने अपनी किताब "पति का सौन्दर्य" में प्रेम के इस पक्ष पर खुल कर बात किया है। हालांकि आगे चल कर वे प्रेम में उन्हें धोखा मिलता है लेकिन तब भी उन्हें अपने प्रेम पर कोई पश्चाताप नहीं। नोबेल साहित्य पुरस्कार की दौड़ में ऐन कार्सन पिछले कई वर्षों से बनी हुई थीं। इस वर्ष के पुरस्कार के लिए अन्ततः उनका नाम ही घोषित किया गया। पंकज मोहन ने ऐन कार्सन पर एक आलेख लिखा है। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं पंकज मोहन नोबेल साहित्य विजेत्री ऐन कार्सन। नोबेल साहित्य विजेत्री ऐन कार्सन पंकज मोहन कल जब 2026 के नोबेल पुरस्कार विजेत्री के रूप में ऐन कार्सन के नाम की घोषणा हुई, मुझे आश्चर्य नहीं हुआ। पिछले कुछ वर्षों से पुरस्कार की दौड में वह शीर्षस्थ थीं। मैंने उनके व्याख्यान के विडियो देखे थे। उन्हें सुन कर ही मुझे मालूम हुआ कि देकार्ते ने यह नहीं कहा था, मै सोचता हूं, इसलिए मैं हूं। पूरी पंक्ति है: "Dubito,...