संदेश

June, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भास्कर चौधरी की कविताएँ

चित्र
अपने समय की विडम्बनाओं को उजागर करना और इस क्रम में खुद अपने को खड़ा करना आसान काम नहीं होता. कवि अपने हुनर के जरिए इस कठिन काम को आसान बनाता है. भास्कर चौधरी आज के दौर के सुपरिचित कवियों में से एक हैं.उनकी नजर उन क्षेत्रों की तरफ भी जाती है जिस तरफ आम तौर पर कवियों का ध्यान प्रायः नहीं जाता. इसी क्रम में भास्कर लिखते हैं - कवि!/ येकैसीअंधेरगर्दीहैजो/ तुमवहसबकुछकरतेहो/ अंधेरेमें/ जोतुमउजालेमेंकरनेसेडरतेहो/ हाँतुमउजालेमेंरह करउजले