संदेश

November, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मनोज कुमार पाण्डेय की कहानी 'न्याय विभाग ने मरे हुए व्यक्ति के साथ भूल सुधार किया'

चित्र

राकेश जोशी की ग़ज़लें

चित्र
परिचय: अंग्रेजी साहित्य में एम. ए., एम. फ़िल., डी. फ़िल. डॉ. राकेश जोशी मूलतः राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड में अंग्रेजी साहित्य के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. इससे पूर्व वे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, श्रम मंत्रालय, भारत सरकार में हिंदी अनुवादक के पद पर मुंबई में कार्यरत रहे. मुंबई में ही उन्होंने थोड़े समय के लिए आकाशवाणी विविध भारती में आकस्मिक उद्घोषक के तौर पर भी कार्य किया.  राकेश की कविताएँ अनेक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने के साथ-साथ आकाशवाणी से भी प्रसारित हुई हैं. उनकी एक काव्य-पुस्तिका "कुछ बातें कविताओं में", दो ग़ज़ल संग्रह “पत्थरों के शहर में” तथा "वो अभी हारा नहीं है", और हिंदी से अंग्रेज़ी में अनूदित एक पुस्तक “द क्राउड बेअर्स विटनेस” अब तक प्रकाशित हुई है.

हिन्दी ग़ज़ल इस मायने में थोड़ी अलग दिखाई पड़ती है कि वह उस जनता की बात करती है जो दलित-दमित होती है. इस ग़ज़ल में प्रतिरोध के मुखर स्वर भी दिखायी पड़ते हैं. युवा गज़लकार राकेश जोशी की ग़ज़लों में हिन्दी ग़ज़ल की वह समृद्ध परम्परा सहज ही देखी जा सकती है ज…