अजय कुमार सिंह की कविताएं
अजय कुमार सिंह संक्षिप्त परिचय - नाम- अजय कुमार सिंह पैतृक गांव - बहुआरा, जिला - बलिया (उत्तर प्रदेश) शिक्षा- एम. ए. हिन्दी कार्य - बतौर हिन्दी अध्यापक एक विद्यालय में शिक्षण रूचि - कविता लेखन समय इस दुनिया का सबसे बड़ा सत्य है। वह लगातार गतिमान रहता है। किसी का इंतजार नहीं करता। इस समय में रहने वाले हम यानी कि इंसान समय को अपनी तरह से देखते और परिभाषित करने का प्रयत्न करते हैं। आज सहज ही यह बात किसी से सुनी जा सकती है कि समय बहुत खराब है। कवि अजय कुमार सिंह इसे अपने नजरिए से देखते हैं और लिखते हैं 'एक झूठे समय में'। वाकई हमारा यह समय अजीब सा समय है। यह है सच को झुठलाए जाने का समय। सच कड़वा होता है। इस कड़वे का सामना करना आसान नहीं होता। सच बोलने वाला अपराधी मान लिया जाता है। बावजूद इसके विडम्बना यही है कि झूठ आज तक प्रतिमान नहीं बन सका। यह झूठ भी बनना चाहता है तो सच ही। सच की यही तो ताकत होती है। कवि अजय कुमार सिंह की कविताएं युग बोध की कविताएं हैं। यही उनकी खूबी है। जब वे बुद्ध को याद करते हैं तो उस शान्ति की बात करते हैं जिसकी खोज हमेशा जारी रही। ...