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गौरांशी चमोली की कविताएं

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विष्णु खरे पर स्वप्निल श्रीवास्तव का आलेख 'विचार–विमर्श के परिक्षेत्र'

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विष्णु खरे हिंदी साहित्य के कुछ ऐसे विरल कवियों में से रहे हैं जो अपनी से बेबाक बयानी के लिए जाने गए। विष्णु जी ने शहरी जीवन की कुछ ऐसी विरल कविताएं लिखीं जो उन्हीं के विट का कवि लिख सकता था। वे न केवल अपनी कविता बल्कि अपने गद्य, विशेष तौर पर सिनेमा पर लेखन के लिए जाने गए। पिछले साल 19 सितंबर को विष्णु जी का निधन हो गया। कवि स्वप्निल श्रीवास्तव ने काफी पहले उन पर एक आलेख लिखा था जो विष्णु जी की नजर में भी आया था। विष्णु जी को सुखद आश्चर्य हुआ था कि कोई उनकी बाद की पीढ़ी का कवि उनकी कविताओं को इस तरह से देखता है। आज पहली बार प्रस्तुत है विष्णु खरे पर स्वप्निल श्रीवास्तव का लिखा आलेख 'विचार विमर्श के परीक्षित परिक्षेत्र'।