प्रदीप्त प्रीत की रपट 'रचनाकार होने का निर्धारण लेखन ही करेगा'
विमल कुमार इलाहाबाद एक अरसे से साहित्य का एक प्रमुख केंद्र रहा है। आज भी यहां तरह-तरह के आयोजन अक्सर ही होते रहते हैं जिनमें देश के महत्वपूर्ण रचनाकार शिरकत करते रहते हैं। एक कार्यक्रम के आयोजन के सिलसिले में वरिष्ठ कवि और 'स्त्री लेखा' पत्रिका के सम्पादक विमल कुमार हाल ही में इलाहाबाद आए हुए थे। इसी क्रम में जनवादी लेखक संघ की इलाहाबाद इकाई की तरफ से उनके काव्य पाठ का आयोजन 'घर गोष्ठी शृंखला' के अंतर्गत किया गया। इस गोष्ठी की एक रपट युवा कवि प्रदीप प्रीत ने पहली बार को उपलब्ध कराया है। आइए आज पहली बार पर हम पढ़ते हैं इस गोष्ठी की रपट 'रचनाकार होने का निर्धारण लेखन ही करेगा'। स्त्री विषयक कविताओं का पाठ 'रचनाकार होने का निर्धारण लेखन ही करेगा' रिपोर्ट : प्रदीप्त प्रीत ‘स्त्री लेखा’ के संपादक, हिंदी के सुपरिचित कवि-कथाकार विमल कुमार सत्रह से उन्नीस मार्च 2026 तक इलाहाबाद में थे। अपनी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने जनवादी लेखक संघ, इलाहाबाद द्वारा उनके कविता पाठ एवं संवाद के अनुरोध को सहज ही स्वीकार कर लिया था जिसका आयोजन उन्नीस मार्च 2026 को शाम पा...